झारखंड विधानसभा चुनाव: बागी नेता सरयू राय ने बताए भाजपा की हार के तीन बड़े कारण
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झारखंड की 81 सीटों पर पांच चरणों में हुए चुनाव के लिए मतों की गिनती जारी है। अबतक के नतीजों में भाजपा झारखंड गंवाती दिख रही है। वहीं विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट न मिलने पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव के अखाड़े में उतरने वाले सरयू राय 4643 वोटों से आगे चल रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ जमशेदपुर पूर्व से चुनाव लड़ा है। सरयू राय काफी लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे हैं। अब जब उन्हें जीत मिलती हुई दिख रही है तो उन्होंने भाजपा की हार के तीन बड़े कारण गिनाए हैं। ये हैं वो कारण:
- सीएम का स्वभाव- सरयू राय का कहना है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास का स्वभाव ठीक नहीं है। वह खुद के भाजपा से ऊपर मानने लगे हैं।
- राज्य ने कोई योजना नहीं चलाई- मुख्यमंत्री ने राज्य में कोई नई योजना नहीं चलाई। वह केंद्र की ही योजनाओं के भरोसे रहे।
- कार्यकर्ताओं में नहीं था उत्साह- सरयू राय ने कहा कि जमीन से जुड़कर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में इस बार न तो सामंजस्य था और न ही उत्साह।
एक निजी चैनल ने बातचीत के दौरान जब राय से पूछा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी भाजपा के खिलाफ चुनाव क्यों लड़ा तो उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का कार्यकर्ता था। यदि पार्टी कहती कि आप इस बार चुनाव मत लड़िए या हम आपको टिकट नहीं देंगे तो मैं चुनाव ही नहीं लड़ता। लेकिन मुझे आखिरी समय तक कुछ नहीं बताया गया और असमंजस की स्थिति बरकरार रही। जिसके बाद मैंने इसे अपनी प्रतिष्ठा पर प्रश्न की तरह लेते हुए चुनाव के मैदान में उतरने का मन बनाया।