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कोरोना मरीजों का कैसे होगा इलाज, धनबाद के अस्पताल से डॉक्टर ही गायब
Sat, 11 Jul 2020 07:05 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धनबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धनबाद
Published by: Rohit Ojha
Updated Sat, 11 Jul 2020 07:05 PM IST
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Dhanbad
- फोटो : ट्विटर
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झारखंड के धनबाद में कोरोना इलाज के लिए निर्धारित अस्पताल में डॉक्टरों के गायब होने से शुक्रवार को व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। डॉक्टरों को अपने घर में 21 दिन का क्वारंटीन पूरा करने के बाद केंद्रीय अस्पताल भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में ड्यूटी पर आना था। मगर वे पहुंचे ही नहीं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक और नोडल अधिकारी डॉक्टर आलोक विश्वकर्मा ने स्वीकार किया कि बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल के डॉक्टर पहली शिफ्ट में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। पहली शिफ्ट सुबह छह बजे शुरू होती है। उन्होंने बताया कि कोविड रोगियों के लिए प्रत्येक शिफ्ट में एक डॉक्टर और एक नर्स तैनात किए जाते हैं। पहली शिफ्ट दो बजे खत्म होती है, दूसरी दोपहर दो बजे से शुरू होती है और रात 10 बजे खत्म होती है, जबकि तीसरी शिफ्ट रात 10 बजे से से सुबह छह बजे तक चलती है।
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वहां भर्ती एक मीडियाकर्मी ने बताया कि पिछले चार दिनों से कोई भी डॉक्टर वार्ड में मरीजों की जांच के लिए नहीं पहुंचा है। केवल एक नर्स आती है और हमें एक पैकेट में दवा देती है। हालांकि, जिला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ. सुशील कुमार सिंह ने स्वैच्छिक सेवा के तहत दिन में दो बार भर्ती किए गए मीडियाकर्मियों के वार्डों का दौरा किया है।
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कोरोना के लिए तैयार इस 100 बेड वाले अस्पताल में करीब 104 मरीज हैं। कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे धनबाद के डॉक्टरों ने शुक्रवार क्वारंटीन की विशेष सुविधा नहीं दिए जाने की शिकायत की। एक डॉक्टर ने बताया कि रोगियों के इलाज के एक हफ्ते भर बाद हमें 21 दिनों के लिए क्वारंटीन रहना होगा, लेकिन हम घर पर या किसी संस्थान में नहीं रह सकते। हालांकि, रांची और अन्य जिलों में डॉक्टरों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा रहा है।