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खनन कानून का विरोध: 29 सितंबर को राजभवन घेरेगी कांग्रेस, केंद्र के 90% राजस्व वाले दावे पर भी उठाए सवाल
Mon, 21 Sep 2026 06:47 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:47 PM IST
सार
कांग्रेस ने खान एवं खनिज संशोधन कानून के विरोध में 29 सितंबर को रांची में राजभवन घेराव का एलान किया है। कांग्रेस इसे राज्यों के खनिज अधिकार और राजस्व से जोड़ रही है, जबकि केंद्र का कहना है कि राज्यों को करीब 90 प्रतिशत खनन राजस्व मिलता रहेगा।
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29 सितंबर को राजभवन घेरेगी कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून, 2026 और चंदा चोरी के विरोध में कांग्रेस 29 सितंबर को रांची में राजभवन का घेराव करेगी। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संशोधित कानून से झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के अधिकार और राजस्व प्रभावित हो सकते हैं।
खनिज अधिकार और राजस्व का मुद्दा
प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट मनीष राज, प्रदेश प्रवक्ता अवधेश प्रजापति और जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार और राजस्व का सवाल सीधे तौर पर राज्य के विकास से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधित कानून का प्रतिकूल प्रभाव राज्य में शिक्षा, रोजगार और विकास पर पड़ सकता है। वहीं अवधेश प्रजापति ने केंद्र सरकार पर राज्यों के खनिज अधिकार सीमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार और चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर भी अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस के आरोपों पर केंद्र का क्या कहना है?
केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष कांग्रेस के आरोपों से अलग है। सरकार के अनुसार खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में स्थिर और समान राजकोषीय व्यवस्था कायम करना है। सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार समाप्त नहीं होते हैं। कानून में राज्यों द्वारा खनिज अधिकार और खनिज-युक्त भूमि पर नए कर, उपकर या अन्य शुल्क लगाने को कुछ केंद्रीय शर्तों के अधीन किया गया है।
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90 प्रतिशत राजस्व राज्यों को मिलने का दावा
केंद्र सरकार के अनुसार खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और संशोधन के बाद भी यह स्थिति बनी रहेगी। सरकार का कहना है कि राज्यों को रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन और जीएसटी में उनका हिस्सा मिलता रहेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में राज्यों को खनिज क्षेत्र से करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
29 सितंबर को रांची में जुटेंगे कांग्रेसी
कांग्रेस ने संशोधित खनन कानून के साथ भ्रष्टाचार और चंदा चोरी के मुद्दे को भी आंदोलन में शामिल किया है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है। राजभवन घेराव के जरिए कांग्रेस खनिज अधिकार और राज्यों के राजस्व से जुड़े अपने विरोध को सामने रखेगी।
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खनिज अधिकार और राजस्व का मुद्दा
प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट मनीष राज, प्रदेश प्रवक्ता अवधेश प्रजापति और जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार और राजस्व का सवाल सीधे तौर पर राज्य के विकास से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधित कानून का प्रतिकूल प्रभाव राज्य में शिक्षा, रोजगार और विकास पर पड़ सकता है। वहीं अवधेश प्रजापति ने केंद्र सरकार पर राज्यों के खनिज अधिकार सीमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार और चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर भी अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
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कांग्रेस के आरोपों पर केंद्र का क्या कहना है?
केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष कांग्रेस के आरोपों से अलग है। सरकार के अनुसार खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में स्थिर और समान राजकोषीय व्यवस्था कायम करना है। सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार समाप्त नहीं होते हैं। कानून में राज्यों द्वारा खनिज अधिकार और खनिज-युक्त भूमि पर नए कर, उपकर या अन्य शुल्क लगाने को कुछ केंद्रीय शर्तों के अधीन किया गया है।
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90 प्रतिशत राजस्व राज्यों को मिलने का दावा
केंद्र सरकार के अनुसार खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और संशोधन के बाद भी यह स्थिति बनी रहेगी। सरकार का कहना है कि राज्यों को रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन और जीएसटी में उनका हिस्सा मिलता रहेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में राज्यों को खनिज क्षेत्र से करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
29 सितंबर को रांची में जुटेंगे कांग्रेसी
कांग्रेस ने संशोधित खनन कानून के साथ भ्रष्टाचार और चंदा चोरी के मुद्दे को भी आंदोलन में शामिल किया है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है। राजभवन घेराव के जरिए कांग्रेस खनिज अधिकार और राज्यों के राजस्व से जुड़े अपने विरोध को सामने रखेगी।