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सीएम रघुवर दास ने रांची जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बारे में दिया यह बयान
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Fri, 29 Dec 2017 06:44 PM IST
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रघुबर दास
- फोटो : PTI
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रांची में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को जेल के दिशानिर्देशों से इतर किसी भी तरह की सहूलियत देने से मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इनकार कर दिया है। दास ने रांची में मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया कि लालू यादव को जेल मैन्यूअल से इतर कोई राहत नहीं मिलेगी।
यह भी पढ़ें: जेल में करवटें बदलते रहे लालू प्रसाद यादव, जेल में मिलने पहुंचे पार्टी नेता हुए निराश
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी कर रहे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि, 'जब हेमंत सोरेन सरकार थी, तब जेल में लालू यादव से मिलने-जुलने वालों पर कोई पाबंदी नहीं थी।' इस सवाल के जवाब पर दास ने कहा कि, 'कानून से बड़ा कोई नहीं है, सभी लोग कानून के दायरे में हैं। कानून के दायरे में रहकर ही कोई काम होगा, चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो। जेल मैन्यूअल के अनुसार कानून अपना काम कर रहा है।
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जेल में लालू प्रसाद यादव को कोई राहत देकर रघुबर दास कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्हें आशंका है कि अगर उन्होंने लालू को कोई सहूलियत दी तो पार्टी का आलाकमान उनसे नाराज हो सकता है। हालांकि रघुबर दास ने साफ किया है कि जेल के भीतर लालू यादव को किसी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि राजद के कई बड़े नेता रांची में मौजूद हैं लेकिन वे राजद सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं। जेल मैन्यूअल के मुताबिक लालू प्रसाद से जेल में हर हफ्ते सिर्फ तीन लोग ही मिल सकेंगे। अब राजद नेता कोर्ट खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद कोर्ट में अपील करने पर इस मामले में कुछ नरमी बरती जाए।
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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी कर रहे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि, 'जब हेमंत सोरेन सरकार थी, तब जेल में लालू यादव से मिलने-जुलने वालों पर कोई पाबंदी नहीं थी।' इस सवाल के जवाब पर दास ने कहा कि, 'कानून से बड़ा कोई नहीं है, सभी लोग कानून के दायरे में हैं। कानून के दायरे में रहकर ही कोई काम होगा, चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो। जेल मैन्यूअल के अनुसार कानून अपना काम कर रहा है।
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जेल में लालू प्रसाद यादव को कोई राहत देकर रघुबर दास कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्हें आशंका है कि अगर उन्होंने लालू को कोई सहूलियत दी तो पार्टी का आलाकमान उनसे नाराज हो सकता है। हालांकि रघुबर दास ने साफ किया है कि जेल के भीतर लालू यादव को किसी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि राजद के कई बड़े नेता रांची में मौजूद हैं लेकिन वे राजद सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं। जेल मैन्यूअल के मुताबिक लालू प्रसाद से जेल में हर हफ्ते सिर्फ तीन लोग ही मिल सकेंगे। अब राजद नेता कोर्ट खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद कोर्ट में अपील करने पर इस मामले में कुछ नरमी बरती जाए।