झारखंड : विधानसभा भवन में नमाज के लिए कक्ष देने को चुनौती, हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर उठाया सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में नमाज के लिए कक्ष आवंटित करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पीआईएल में कहा गया है कि क्या जनता के पैसों से बने परिसर में इस तरह कक्ष का आवंटन किया जा सकता है या नहीं?
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झारखंड विधानसभा परिसर में नमाज के लिए कक्ष आवंटित करने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले को लेकर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इसमें सवाल उठाया गया है कि क्या जनता के धन से बने परिसर में इस तरह से किसी कक्ष का आवंटन किया जा सकता है या नहीं।
A PIL has been filed in Jharkhand High Court against the allotment of room for offering Namaz in the Jharkhand Assembly. The PIL requests for a judicial review on the ground whether such an allotment can be done or not in premises which is constructed by public money
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— ANI (@ANI) September 7, 2021
भाजपा विधायकों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
उधर, विधानसभा में नमाज पढ़ने के लिए एक कमरा आवंटित करने के विरोध में भाजपा विधायकों ने गलवार को प्रदर्शन करते हुए भगवा रंग के कपड़े पहनकर और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया। सदन में विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए और कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया।
सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही भाजपा सदस्यों ने नमाज के लिए कमरा आवंटित करने और राज्य की रोजगार नीति के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने हंगामा कर रहे सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलते रहने देने का अनुरोध करते रहे।
मुझे पीट लें, लेकिन कार्यवाही में व्यवधान न डालें : स्पीकर
स्पीकर महतो ने प्रदर्शनकारी विधायकों से कहा, 'पद का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर आप नाराज हैं तो मुझे पीट लें लेकिन कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न नहीं करें। कृपया अपने-अपने स्थानों पर जाएं...मुझे बहुत तकलीफ पहुंची है। कल भी आपने बहुत बुरा बर्ताव किया था...यह 3.5 करोड़ लोगों की आस्था का प्रश्न है और आपकी हरकतों से मुझे कष्ट पहुंचा है।'
हंगामे के बीच, अध्यक्ष ने भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही से हनुमान चालीसा का सम्मान करने और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल न करने को कहा। उन्होंने कहा कि वह कामना करते हैं कि 'बजरंग बली' आंदोलनरत विधायकों को सदबुद्धि दें।