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Jharkhand Mob Lynching: मॉब लिंचिंग विधेयक पास होने पर मुस्लिमों ने किया खुशी का इजहार, सरकार के समर्थन में नारेबाजी; बांटी मिठाई
Wed, 22 Dec 2021 08:01 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 22 Dec 2021 08:01 AM IST
सार
जैसे ही लोगों को विधेयक के पास होने की खबर मिली, सभी घरों और मस्जिदों से बाहर निकल आए और खुशी का इजहार किया।
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-Jharkhand Mob Lynching Bill: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
झारखंड मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक 2021 मंगलवार को झारखंड विधानसभा में पास हो गया। इस विधेयक के पास होते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने सरकार को धन्यवाद दिया और खुशी का इजहार करते हुए मिठाई तक बांटी। लोगों ने हेमंत सोरेन सरकार के समर्थन में नारेबाजी भी की और घरों व मस्जिदों से बाहर निकलकर इस विधेयक का जश्न मनाया। झारखंड मुस्लिम सेंट्रल कमेटी के उपाध्यक्ष आफरोज आलम ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ मुसलमानों ही नहीं बल्कि समाज के सभी लोगों के लिए हितकारी होगा। जो लोग कानून अपने हाथ में लेकर मॉब लिंचिंग को अंजाम देते हैं, उन्हें अब सजा मिल सकेगी।
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हंगामे के बीच पास हुआ विधेयक
झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायकों के वॉक आउट के बीच भीड़ हिंसा एंव भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक 2021 को मंजूरी प्रदान की गई। विपक्ष के विधायकों की ओर से इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी कौ सौंपने और संशोधन का प्रस्ताव भी दिया गया, जिसे खारिज कर दिया गया। इस विधेयक के पास होने से अब राज्य में मॉब लिंचिंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से अब तक राज्य में 56 लोग मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हैं।
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फांसी का होना चाहिए प्रावधान
विधेयक के पास होने पर मुस्लिम सेंट्रल कमेटी के कोषाध्यक्ष डॉ. तारीफ ने कहा कि बिल में दोषियों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान है, लेकिन ऐसी घटना को अंजाम देने वालों को फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक जिनती भी घटनाएं हुई हैं, उसमें मुस्लिम समाज के लोग ही मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हैं। उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया गया है और न ही अन्य कोई व्यवस्था की गई है।
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