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झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: 'मंईयां सम्मान योजना' की खामियों पर गूंजेगी विपक्ष की आवाज, इस दिन से चलेगा सदन
Mon, 28 Jul 2025 08:15 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 28 Jul 2025 08:15 PM IST
सार
विधानसभा में भाजपा से मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने मंईयां सम्मान योजना में 58 लाख महिलाओं को इसका लाभ देने की पहल किया। लेकिन उसके बाद इस योजना में आधे से अधिक महिलाओं का नाम काट दिया गया।
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झारखंड विधानसभा
- फोटो : ANI
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विस्तार
जिस मंईयां सम्मान योजना के लागू करने से हेमंत सोरेन को दुबारा सत्ता मिली है, उसी योजना में खामियों के कारण वर्तमान समय में लाखों महिलाओं को उस योजना का लाभ नहीं मिला रहा है। विपक्ष सरकार को घेरने के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा मिल गया है।
विपक्षी दल भाजपा और आजसू इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को घेरने के लिए विधानसभा मानसून सत्र में तैयार है। मानसून सत्र एक अगस्त से सात अगस्त तक आहूत किया जायेगा। यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
मंईयां सम्मान योजना, जो महिलाओं को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, अब विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं। पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि अपात्रों के नाम सूची में शामिल हैं। इसके अलावा कई जिलों में योजना के लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को लेकर भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।
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विधानसभा में भाजपा से मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने मंईयां सम्मान योजना में 58 लाख महिलाओं को इसका लाभ देने की पहल किया। लेकिन उसके बाद इस योजना में आधे से अधिक महिलाओं का नाम काट दिया गया। उन्हें इस योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया. इसके साथ ही इस योजना में फर्जीवाड़ा भी बहुत हुआ है। बांग्लादेश और पश्चिमबंगाल की महिलाओं को नाम इस योजना में लाभ उठाने लगी।
पढ़ें: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कांग्रेस कार्यालय में लगाया जनता दरबार, सुनीं लोगों की समस्याएं
साथ ही महिला के जगह पुरुषों को लाभ मिलने लगा। इसमें करोड़ों रूपये का फर्जीवाडा हुआ है। मानसून सत्र में ऐसे कई अहमन मुद्दों पर हमलोग सरकार को घेरने का काम करेंगे। भाजपा और आजसू इस योजना को "चुनावी हथकंडा" बता रहे हैं और इसे गरीब महिलाओं के साथ धोखा करार दे रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष से झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता मनोज पाण्डेय ने कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में तो यह भी नहीं मिल रहा है। इसलिए भाजपा इसमें कुछ न ही बोले तो अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए निरंतर समीक्षा और सुधार किए जा रहे हैं। मानसून सत्र में मंईयां सम्मान योजना के अलावा राज्य के वित्तीय प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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विपक्षी दल भाजपा और आजसू इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को घेरने के लिए विधानसभा मानसून सत्र में तैयार है। मानसून सत्र एक अगस्त से सात अगस्त तक आहूत किया जायेगा। यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
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मंईयां सम्मान योजना, जो महिलाओं को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, अब विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं। पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि अपात्रों के नाम सूची में शामिल हैं। इसके अलावा कई जिलों में योजना के लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को लेकर भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।
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विधानसभा में भाजपा से मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने मंईयां सम्मान योजना में 58 लाख महिलाओं को इसका लाभ देने की पहल किया। लेकिन उसके बाद इस योजना में आधे से अधिक महिलाओं का नाम काट दिया गया। उन्हें इस योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया. इसके साथ ही इस योजना में फर्जीवाड़ा भी बहुत हुआ है। बांग्लादेश और पश्चिमबंगाल की महिलाओं को नाम इस योजना में लाभ उठाने लगी।
पढ़ें: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कांग्रेस कार्यालय में लगाया जनता दरबार, सुनीं लोगों की समस्याएं
साथ ही महिला के जगह पुरुषों को लाभ मिलने लगा। इसमें करोड़ों रूपये का फर्जीवाडा हुआ है। मानसून सत्र में ऐसे कई अहमन मुद्दों पर हमलोग सरकार को घेरने का काम करेंगे। भाजपा और आजसू इस योजना को "चुनावी हथकंडा" बता रहे हैं और इसे गरीब महिलाओं के साथ धोखा करार दे रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष से झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता मनोज पाण्डेय ने कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में तो यह भी नहीं मिल रहा है। इसलिए भाजपा इसमें कुछ न ही बोले तो अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए निरंतर समीक्षा और सुधार किए जा रहे हैं। मानसून सत्र में मंईयां सम्मान योजना के अलावा राज्य के वित्तीय प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।