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Jharkhand: आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में हाईकोर्ट ने सीएम सोरेन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की रद्द
Sat, 12 Nov 2022 03:50 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 12 Nov 2022 03:50 AM IST
सार
अदालत ने मामले के सभी पक्षों को सुनने के बाद आश्वस्त किया कि तकनीकी खामी थी, और कोर्ट ने सोरेन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
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सीएम हेमंत सोरेन
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मनी लाॉन्ड्रिंग मामले में घिरे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट के बाद अब झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में 2019 विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुक्रवार को रद्द कर दी।
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आपको बता दें इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया था। वहीं, मामले में सीएम ने हाईकोर्ट में क्वैशिंग याचिका दायर की थी। सोरेन ने तीन साल पहले अरगोड़ा थाने में दर्ज मामले को चुनौती दी थी
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रांची में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पहले सोरेन को समन जारी किया था और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का भी आदेश दिया था, जिसे अदालत के समक्ष चुनौती भी दी गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत को सूचित किया गया कि मामला एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा दायर किया गया था जबकि कानून यह प्रावधान करता है कि मामले में केवल एक शिकायत दर्ज की जा सकती है।
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सोरेन पर एक लोक सेवक द्वारा घोषित आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, जिसे केवल एक शिकायत के माध्यम से शुरू किया जा सकता है। अदालत ने मामले के सभी पक्षों को सुनने के बाद आश्वस्त किया कि तकनीकी खामी थी, और कोर्ट ने सोरेन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।