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Chhath Puja 2020: छठ पूजा पर झारखंड सरकार का यू-टर्न, विरोध के बाद जलाशयों में दी पूजा-स्नान की अनुमति
Wed, 18 Nov 2020 10:47 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Sneha Baluni
Updated Wed, 18 Nov 2020 10:47 AM IST
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छठ पूजा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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झारखंड सरकार ने मंगलवार को छठ पूजा के लिए नदियों, तालाबों और अन्य सार्वजनिक जलाशयों के किनारे पूजा और स्नान करने की अनुमति दे दी। इससे दो दिन पहले हेमंत सोरेन सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के चलते जलाशयों में पूजा स्नान आदि करने पर प्रतिबंध लगाया था। इसे लेकर विपक्षी दलों ने सरकार की काफी आलोचना की थी।
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हालांकि मुख्यमंत्री सोरेन ने कोविड-19 से संक्रमित होने के जोखिम को कम करने के लिए भक्तों से घर पर ही छठ पर्व मनाने का आग्रह किया है। राज्य आपदा प्रबंधन समिति ने रविवार रात एक दिशानिर्देश जारी कर कहा था कि छठ पर्व के दौरान किसी को भी जलाशयों के पास इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि दिशानिर्देश में संशोधन किया गया है और अब भक्तों को कंटेनमेंट जोन के बाहर सभी प्रकार के जलाशयों के किनारे छठ पूजा करने की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है और लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। जैसे कि सामाजिक दूरी बनाकर रखें और नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में त्योहार मनाते समय मास्क जरूर पहनें।
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मुख्यमंत्री ने लोगों से इस संबंध में सहयोग मांगा। प्रशासन ने हालांकि, दिशानिर्देशों में सूचीबद्ध कई फैसलों को वापस नहीं लिया है जैसे कि पटाखे फोड़ना, स्टॉल लगाना और जलाशयों के पास सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने पर प्रतिबंध जारी है। इससे पहले, महामारी की स्थिति के बीच त्योहार को सुरक्षित रूप से आयोजित करने के बारे में सोरेन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित थे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पूजा के साथ जनता की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, इस दौरान भक्त सुबह और शाम नदियों, तालाबों, बांधों और झीलों के किनारे इकट्ठा होकर पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, त्योहार को सुरक्षित रूप से आयोजित करने के लिए व्यवस्था करनी होगी। भाजपा जिसने सरकार के पूर्ववर्ती फैसले का विरोध किया था, अब इसमें संशोधन करने का स्वागत किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, 'आखिरकार राज्य सरकार ने जनता की भावनाओं को समझा।'