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Jharkhand: हाथी ने 12 घंटे में चार लोगों को उतारा मौत के घाट, डर के कारण घरों में कैद हुए लोग
Mon, 20 Feb 2023 05:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 20 Feb 2023 05:17 PM IST
सार
डीएफओ ने बताया कि भांडरा और कुडू इलाके में हाथियों की नियमित आवाजाही नहीं होती है। ऐसे में यहां के लोग हाथियों को लेकर सतर्क नहीं रहते और न ही उन्हें हाथी से बचाव की कला आती है। लोग उत्साह में हाथी के करीब जाते हैं। हालांकि, हम लोगों को जानवरों को परेशान न करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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हाथी का तांडव।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
झारखंड के लोहरदगा जिले में एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने महज 12 घंटे में चार लोगों की जान ले ली। मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। एक वन अधिकारी ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चारों लोगों को हाथी ने कुचल कर मार दिया है। हाथी के हमले को बाद गांव के लोगों में दहशत है। वे डरे हुए हैं कोई घर से भी नहीं निकल रहा।
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वन अधिकारी ने बताया कि हाथी के हमले की पहली घटना रविवार शाम को राजधानी रांची से करीबन 60 किमी दूर कुडू थाना क्षेत्र में हुई। यहां हाथी ने एक 50 वर्षीय महिला को हाथी ने मार डाला। वहीं, सोमवार सुबह भांडरा थाना क्षेत्र के एक गांव में हाथी ने 30-65 वर्ष की आयु के तीन लोगों को कुचलकर मार डाला। लोहरदगा के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अरविंद कुमार ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भांडरा और कुडू के बीच की दूरी लगभग 25 किमी है। ऐसे में यह संभव है कि चारों हत्याएं एक ही हाथी ने की हो। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
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डीएफओ ने कहा कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की तत्काल राहत दी गई है। बाद में सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 3.75 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि भांडरा और कुडू इलाके में हाथियों की नियमित आवाजाही नहीं होती है। ऐसे में यहां के लोग हाथियों को लेकर सतर्क नहीं रहते और न ही उन्हें हाथी से बचाव की कला आती है। लोग उत्साह में हाथी के करीब जाते हैं। हालांकि, हम लोगों को जानवरों को परेशान न करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
बता दें कि हाल के सालों में झारखंड में मनुष्यों और हाथियों के बीच संघर्ष में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2021-22 में हाथी के हमलों में 133 लोगों की मौत हुई है। ये संख्या 2020-21 में 84 से अधिक है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय ने हाल ही में अधिवक्ता सत्य प्रकाश को दिए अपने आरटीआई जवाब में बताया था कि झारखंड में 2017 से पांच वर्षों में हाथी के हमलों में संघर्ष में 462 लोग मारे गए हैं। इसमें 2021-22 में 133 लोग शामिल हैं।