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झारखंड: डीजे संदीप मर्डर केस में कई साक्ष्य नजरअंदाज, हाईकोर्ट ने जताया असंतोष
Wed, 04 Nov 2026 05:28 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2026 05:28 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के एक्सट्रीम बार के डीजे संदीप प्रामाणिक हत्याकांड की जांच में गंभीर खामियां मिलने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने रांची के एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर जांच में हुई त्रुटियों की विस्तृत रिपोर्ट 30 नवंबर तक सौंपने का निर्देश दिया है।
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झारखंड उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
झारखंड उच्च न्यायालय ने कडरू रोड स्थित एक्सट्रीम बार के डीजे संदीप प्रामाणिक हत्याकांड मामले में पुलिस जांच पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए रांची के एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले के अनुसंधान में कई गंभीर खामियां रहीं और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने रांची के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे ट्रायल के दौरान पेश किए गए सभी साक्ष्यों के रिकॉर्ड का बारीकी से अध्ययन करें।
जांच में खामियों पर विस्तृत रिपोर्ट के निर्देश
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि पुलिस जांच में हुई हर एक त्रुटि की पूरी रिपोर्ट 30 नवंबर तक अदालत को सौंपी जाए। सुनवाई के दौरान रांची पुलिस अधीक्षक ने अदालत में उपस्थित होकर जानकारी दी कि अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले एक अनुसंधानकर्ता को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ, मामले के एक अन्य अनुसंधानकर्ता को स्पष्टीकरण देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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10 अभियुक्तों की अपील पर होगी सुनवाई
यह पूरा मामला सजायाफ्ता अभियुक्त अभिषेक सिंह समेत 10 अभियुक्तों की ओर से दायर की गई क्रिमिनल अपील याचिका से जुड़ा हुआ है। उच्च न्यायालय अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को करेगा। अदालत ने आगामी सुनवाई की तिथि पर भी रांची के पुलिस अधीक्षक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में जांच की त्रुटियों पर सौंपी गई रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया तय होगी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने रांची के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे ट्रायल के दौरान पेश किए गए सभी साक्ष्यों के रिकॉर्ड का बारीकी से अध्ययन करें।
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जांच में खामियों पर विस्तृत रिपोर्ट के निर्देश
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि पुलिस जांच में हुई हर एक त्रुटि की पूरी रिपोर्ट 30 नवंबर तक अदालत को सौंपी जाए। सुनवाई के दौरान रांची पुलिस अधीक्षक ने अदालत में उपस्थित होकर जानकारी दी कि अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले एक अनुसंधानकर्ता को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ, मामले के एक अन्य अनुसंधानकर्ता को स्पष्टीकरण देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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10 अभियुक्तों की अपील पर होगी सुनवाई
यह पूरा मामला सजायाफ्ता अभियुक्त अभिषेक सिंह समेत 10 अभियुक्तों की ओर से दायर की गई क्रिमिनल अपील याचिका से जुड़ा हुआ है। उच्च न्यायालय अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को करेगा। अदालत ने आगामी सुनवाई की तिथि पर भी रांची के पुलिस अधीक्षक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में जांच की त्रुटियों पर सौंपी गई रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया तय होगी।