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झारखंड न्यूज: 22 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, फहीम खान के घर एके-47 हमले में तीन दोषियों को उम्रकैद
Sat, 03 Oct 2026 07:24 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Sat, 03 Oct 2026 07:24 PM IST
सार
धनबाद के वासेपुर में गैंगस्टर फहीम खान के आवास पर 2004 में हुए एके-47 हमले के मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
धनबाद के वासेपुर क्षेत्र में गैंगस्टर फहीम खान के आवास पर हुए एके-47 हमले के लगभग 22 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को आजीवन कारावास का दंड दिया।
यह वारदात 29 जनवरी 2004 को घटित हुई थी। हमले के दौरान गैंगस्टर फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई थी। इस अंधाधुंध फायरिंग में फहीम खान के बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके साथ ही फायरिंग की चपेट में आने से शाहिद नाम के एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली लग गई थी। इस मामले में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही, जिसके 22 साल बाद अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया है।
विभिन्न धाराओं में सजा का निर्धारण
अदालत ने तीनों दोषियों को हत्या, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़ा, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास की गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया है। अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत दोषियों को सात वर्ष की सजा सुनाई है, वहीं हत्या के प्रयास के जुर्म में 10 वर्ष के कारावास का दंड दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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ये भी पढ़ें- झारखंड: हेमंत सोरेन पर आरोप तय, क्या अब बढ़ेगा सीएम पद से इस्तीफे का दबाव? भाजपा की मांग पर झामुमो का पलटवार
इस पूरे मामले में अधिवक्ता शाहबाज सलाम ने फैसले की जानकारी दी। करीब 22 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 28 सितंबर को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी की गई और अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
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यह वारदात 29 जनवरी 2004 को घटित हुई थी। हमले के दौरान गैंगस्टर फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई थी। इस अंधाधुंध फायरिंग में फहीम खान के बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके साथ ही फायरिंग की चपेट में आने से शाहिद नाम के एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली लग गई थी। इस मामले में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही, जिसके 22 साल बाद अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया है।
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विभिन्न धाराओं में सजा का निर्धारण
अदालत ने तीनों दोषियों को हत्या, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़ा, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास की गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया है। अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत दोषियों को सात वर्ष की सजा सुनाई है, वहीं हत्या के प्रयास के जुर्म में 10 वर्ष के कारावास का दंड दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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इस पूरे मामले में अधिवक्ता शाहबाज सलाम ने फैसले की जानकारी दी। करीब 22 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 28 सितंबर को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी की गई और अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।