झारखंड: गांव वालों ने की नक्सली की पीट-पीटकर हत्या, एक को बनाया बंधक
झारखंड के लातेहार जिले में गांव वालों ने नक्सली गुट के एक संदिग्ध सदस्य की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं एक अन्य नक्सली को बंदी बना लिया। उन पर हमला करने के दौरन दो गांव वाले भी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घटना जिले के बरियातु गांव में गुरुवार रात को हुई। यह इलाका मनिका पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।
पुलिस के मुताबिक सशस्त्र विद्रोहियों के एक समूह ने दो भाईयों को पकड़ लिया था। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वाले वहां आ गए और नक्सलियों के समूह पर हमला कर दिया। इसके बाद वह गिरोह के दो सदस्यों रणजीत दास और दारोगा ओराण को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि उनके अन्य साथी वहां से भाग चुके थे।
जानकारी के मुताबिक दोनों को पकड़ने के बाद लोगों ने उनकी डंडों से पिटाई की। इसी बीच रणजीत की मौके पर ही मौत हो गई। वह मातलोंग गांव का रहने वाला था। वहीं एक अन्य व्यक्ति दारोगा काफी घायल हो गया। वह पलामू जिले का रहने वाला है। गांव वालों का कहना है कि 5 लोग हथियारों के साथ गांव के निवासी जितेंद्र सिंह के घर का दरवाजा खटखटा रहे थे।
जेजेएमपी के थे सदस्य
वह खुद को झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का सदस्य बता रहे थे। यह नक्सलियों का गुट है। वह जितेंद्र के दरवाजे पर खड़े होकर दरवाजा खोलने के लिए कह रहे थे। जब उसके परिवार ने ऐसा करने से मना कर दिया तो ये उन्हें गोली मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद कहने लगे कि वह पप्पु लोहरा के आदमी हैं जो कि जेजेएमपी का बॉस है।
मामले पर जितेंद्र की पत्नी सिंधु देवी का कहना है कि 'मौत के डर से हमने दरवाजा खोल दिया क्योंकि वह खुद को जेजेएमपी का सदस्य बता रहे थे, इसके बाद मेरे पति सामने आ गए और उन सभी नक्सलियों ने उन्हें डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जब मेरे पति के भाई भिरेंद्र सिंह उन्हें बचाने आए तो वह उन्हें भी पीटने लगे।'
देवी ने आगे कहा कि वह और उसका परिवार भाग्यशाली था कि उनके रोने की आवाज सुनकर वहां गांव वाले आ गए। उन्होंने समर्थन किया नहीं तो दोनों भाई मारे जाते। जितेंद्र और उसके भाई भिरेंद्र दोनों को बहुत सी चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बता दें जेजेएमपी भगोड़े नक्सलियों का एक समूह है जिन्होंने लातेहार जिले के पुलिस स्टेशन पर अपना प्रभाव जमाया हुआ है। शुक्रवार की सुबह गांव वाले मनिका पहुंचे और घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया।