Jharkhand: देवघर एयरपोर्ट के ATC में जबरन घुसे निशिकांत दुबे, नौ पर FIR; भाजपा सांसद ने भी दर्ज कराया केस
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने देवघर डीसी मंजूनाथ और झारखंड पुलिस के खिलाफ नॉर्थ एवेन्यू थाने में जीरो FIR दर्ज की। दुबे ने अपनी FIR में कहा कि देवघर पुलिस ने उनके 2 बेटों को गाली दी और डीसी के कहने पर जान से मारने की धमकी दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड पुलिस ने देवघर एयरपोर्ट की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे, उनके दो बेटों, सांसद मनोज तिवारी, देवघर हवाई अड्डे के निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन सभी पर देवघर एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) रूम में जबरन घुसने का आरोप है। सुरक्षा प्रभारी सुमन आनंद की शिकायत पर एक सितंबर को कुंडा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें कहा गया कि उक्त व्यक्तियों ने जबरन एटीसी कक्ष में प्रवेश करके कई सुरक्षा मानकों उल्लंघन किया और अधिकारियों पर टेक-ऑफ करने के लिए दबाव डाला। शिकायत पत्र में सभी पर दवाब बनाकर जबरन ATC क्लियरेंस लेने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले में भाजपा सांसद ने भी दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने देवघर डीसी मंजूनाथ और झारखंड पुलिस के खिलाफ नॉर्थ एवेन्यू थाने में जीरो FIR दर्ज की। दुबे ने अपनी FIR में कहा कि देवघर पुलिस ने उनके 2 बेटों को गाली दी और डीसी के कहने पर जान से मारने की धमकी दी।
यहां पढ़ें क्या है पूरा मामला
बता दें कि मनोज तिवारी, कपिल मिश्रा और निशिकांत दुबे दुमका छात्रा हत्याकांड मामले में परिजनों से मिलने चार्टर्ड प्लेन से देवघर पहुंचे थे। एयरपोर्ट से शाम छह बजे तक ही उड़ान की इजाजत थी लेकिन सांसद पर जबरन शाम पांच बजकर 30 मिनट पर क्लियरेंस लेने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद ही अधिकारी ने एयरपोर्ट की सुरक्षा का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज करवाई है।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
दोनों सांसदों - निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी - और हवाई अड्डे के निदेशक सहित नौ लोगों पर आईपीसी की धारा 336 (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य), 447 (आपराधिक अतिचार के लिए सजा), 448 (घर-अतिचार के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुंडा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने इसकी जानकारी दी है।