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Hindi News ›   Jharkhand ›   Bhupendra Yadav and K Laxman have been appointed observers for the Leader of Opposition election in Jharkhand

झारखंड: नेता प्रतिपक्ष चुनाव के लिए भूपेंद्र और लक्ष्मण पर्यवेक्षक; विधानसभा नतीजों के तीन माह बाद सक्रिय BJP

Thu, 06 Mar 2025 04:52 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 06 Mar 2025 04:52 AM IST
सार

झारखंड में नेता प्रतिपक्ष कोई गैर आदिवासी चेहरा होगा। वैसे भी नेता प्रतिपक्ष के लिए पार्टी के पास कोई आदिवासी चेहरा नहीं है। पार्टी को एसटी सुरक्षित 28 सीटों में से महज एक पर जीत हासिल हुई।  

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Bhupendra Yadav and K Laxman have been appointed observers for the Leader of Opposition election in Jharkhand
भाजपा झारखंड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तीन महीने बाद आखिरकार भाजपा झारखंड में नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के लिए सक्रिय हुई है। इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने बुधवार को विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के लक्ष्मण को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। लगातार दो विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद नेता प्रतिपक्ष ही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय करने के मामले में भी पार्टी जद्दोजहद कर  रही है।

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पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर नेता प्रतिपक्ष के साथ प्रदेश अध्यक्ष की भी घोषणा कर दी जाएगी। प्रदेश संगठन की कमान किसी युवा आदिवासी को मिलेगी। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष कोई गैर आदिवासी चेहरा होगा। वैसे भी नेता प्रतिपक्ष के लिए पार्टी के पास कोई आदिवासी चेहरा नहीं है। पार्टी को एसटी सुरक्षित 28 सीटों में से महज एक पर जीत हासिल हुई। जो दो चेहरे इस बार विधानसभा पहुंचे हैं उनमें से पूर्व सीएम चंपई सोरेन बाहरी हैं तो बाबू लाल मरांडी (सामान्य सीट) प्रदेश अध्यक्ष हैं।
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 सुप्रीम कोर्ट को करना पड़ा हस्तक्षेप
नेता प्रतिपक्ष के मामले में भाजपा को कई बार ऊहापोह की स्थिति का सामना करना पड़ा। इस पद पर नियुक्ति में देरी के कारण राज्य सूचना आयुक्त और मानवाधिकार आयोग के सदस्यों के चयन में रुकावट पर सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं होने के कारण भाजपा 24 फरवरी से शुरू हुए बजट सत्र में बगैर नेता के हिस्सा ले रही है। यहां तक कि सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पार्टी शिरकत नहीं कर पाई।
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ओबीसी, अगड़ा और आदिवासी में उलझी पार्टी
प्रदेश अध्यक्ष के मामले में पार्टी ओबीसी, अगड़ा और आदिवासी के सवाल में उलझी हुई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष चूंकि गैरआदिवासी होगा, ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी आदिवासी को मिलेगी। चूंकि आदिवासी वर्ग में पार्टी के पास कोई मजबूत चेहरा नहीं है। ऐसे में पार्टी किसी युवा और गुमनाम चेहरे पर दांव लगा सकती है। हालांकि ओबीसी वर्ग के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास इस पद के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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