फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Assam CM says Hemant Soren should resign for failing to fulfil promises made to people

Jharkhand: 'DGP आरोपियों के नाम बताएं या हम...', BJYM की रैली में शामिल 12,000 लोगों पर केस से भड़के असम CM

Sun, 25 Aug 2024 07:26 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: बशु जैन Updated Sun, 25 Aug 2024 07:26 PM IST
सार

23 अगस्त को भाजयुमो की रैली के दौरान पुलिस और भाजपा युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी। जिन्होंने हेमंत सोरेन सरकार द्वारा किए गए अन्याय और चुनावी वादों को पूरा करने में विफलता के खिलाफ रांची में विरोध रैली निकाली थी और बैरिकेड तोड़ दिए थे।

विज्ञापन
Assam CM says Hemant Soren should resign for failing to fulfil promises made to people
हेमंत सोरेन और हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : ANI

विस्तार

असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में फेल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य में घुसपैठ रोकने समेत किसी भी मोर्चे पर ठीक से काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजयुमो की रैली में शामिल हुए जिन 12 हजार कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, डीजीपी उनके नाम बताएं। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि चुनाव के दौरान युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में फेल रहने पर हेमंत सोरेन इस्तीफा दें और राजनीति छोड़ दें। उन्होंने हाल ही में भाजयुमो की रैली में भाजपा नेताओं सहित लगभग 12,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने पर भी झारखंड सरकार की आलोचना की। 
विज्ञापन


सरमा ने कहा कि स्वतंत्र भारत में इस तरह की क्रूरता कभी नहीं हुई। मैं भी उल्फा जैसे संगठनों से निपटा हूं, लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मैं निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर झारखंड के डीजीपी को हटाने के लिए कहूंगा, क्योंकि ऐसे अधिकारी के रहते राज्य में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि 12,000 युवाओं के खिलाफ प्राथमिकी कार्यकर्ताओं को धमकाने के लिए है। मैं चुनौती देता हूं कि डीजीपी 12 हजार लोगों के नाम बताए। नहीं तो हम अदालत जाएंगे। लोकतंत्र में सबको विरोध करने का अधिकार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि 23 अगस्त को भाजयुमो की रैली के दौरान पुलिस और भाजपा युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी। जिन्होंने हेमंत सोरेन सरकार द्वारा किए गए अन्याय और चुनावी वादों को पूरा करने में विफलता के खिलाफ रांची में विरोध रैली निकाली थी और बैरिकेड तोड़ दिए थे। इस दौरान पुलिस ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार की और रबर की गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों ने दावा किया कि हाथापाई में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए।


रैली में झड़प के बाद जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 163 को लागू किया था। इस दौरान कार्यक्रम स्थल मोरहाबादी मैदान के 500 मीटर के दायरे में सीआरपीसी की धारा 144 को लागू किया था। मामले में 51 लोगों की पहचान करने के साथ ही पुलिस ने 12000 हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed