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Jharkhand: तेंदुए ने तीन हफ्ते में चार को बनाया निवाला, नरभक्षी घोषित करने की कार्यवाही फाइलों में गुम
Thu, 29 Dec 2022 12:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 29 Dec 2022 12:54 PM IST
सार
अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि माना जा रहा है कि चारों मौतें एक एक ही तेंदुए के हमले में हुई हैं। तेंदुआ लगातार लोगों की जान ले रहा है, लेकिन उसे आदमखोर घोषित करने की कार्यवाही वन विभाग की फाइलों में गुम है।
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गढ़वा जिले में आदमखोर तेंदुए का आतंक
- फोटो : amar ujala
विस्तार
झारखंड के गढ़वा जिले में एक आदमखोर तेंदुआ आतंक मचाए हुए है। वह लगातार लोगों को निशाना बना रहा है। अब उसने अब 20 साल के एक युवक को मार डाला। तीन सप्ताह में यह चौथी मौत है।
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अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि माना जा रहा है कि चारों मौतें एक ही तेंदुए के हमले में हुई हैं। तेंदुआ लगातार लोगों की जान ले रहा है, लेकिन उसे आदमखोर घोषित करने की कार्यवाही वन विभाग की फाइलों में गुम है। गढ़वा के वन मंडल ने कहा है कि इस तेंदूए को नरभक्षी या आदमखोर घोषित करने के प्रस्ताव का प्रारूप तैयार कर लिया गया है।
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तेंदुए के हमले में मौत की ताजा घटना गढ़वा जिले के रामकंडा के कुशवाह गांव में हुई। गांव में चाचा के यहां से अपने घर लौट रहे हरेंद्र नायक पर बुधवार शाम साढ़े छह बजे तेंदुए ने हमला कर दिया। गढ़वा मंडल वन अधिकारी (दक्षिण) शशि कुमार के अनुसार तेंदुए ने युवक की गर्दन पर हमला किया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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क्षेत्र में चौथी घटना
गत 20 दिनों में इस क्षेत्र में इस तरह की यह चौथी घटना है। इससे पहले रंका प्रखंड के सेवडीह गांव में 19 दिसंबर को छह साल की एक बच्ची को तेंदुए ने मार डाला था। इससे पूर्व 14 दिसंबर को भंडरिया प्रखंड के रोड़ो गांव में तेंदुए ने एक अन्य छह साल की बच्ची को मार डाला था। इसी तरह लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के चिपडोहर इलाके में 10 दिसंबर को एक 12 साल की बच्ची की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी।
ड्रोन से रखी नजर, पर नहीं दिखा तेंदुआ
शशि कुमार ने कहा कि 19 दिसंबर की घटना के बाद हम ड्रोन कैमरों के माध्यम से क्षेत्र की निगरानी करते रहे, लेकिन, हमें तेंदुए का कोई निशान नहीं मिला। हमें लगा कि यह क्षेत्र छोड़ कर चला गया है। उन्होंने कहा कि ताजा घटना के बाद हमने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के अपने मसौदा प्रस्ताव को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसे मंजूरी के लिए मुख्य वन्यजीव वार्डन के पास भेजा जाएगा।
वन विभाग ने तीन पिंजरे मंगवाए
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन पिंजरे भी मंगवाए हैं। ग्रामीणों को सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सूर्यास्त के बाद अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी है, क्योंकि इस दौरान तेंदुआ हमला करता रहा है। अगर उन्हें बाहर जाने की जरूरत है तो उनके साथ पुरुषों का एक समूह होना चाहिए।