सीएम से बोली छात्रा, 'मुझे पढ़ना है, मेरी शादी रुकवाओ'
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झारखंड के सीएम रघुवर दाव के सामने शनिवार को एक अजीब वाकया पेश आया। जिस समय वह अपने आवास पर जनता से मिलने में व्यस्त थे तभी एक 17 साल की एक पॉलीटेक्निक छात्रा उनके सामने आकर खड़ी हो गई।
सीएम ने आने का कारण पूछा तो छात्रा ने बताया कि वह शादी नहीं करना चाहती। सीएम रघुवर दास ने पूरा माजरा पूछा तो छात्रा डॉली कुमारी ने बताया कि वह पॉलीटेक्निक की पढ़ाई करती है लेकिन उसके घरवाले उसकी शादी पक्की करना चाहते हैं।
इस पर सीएम ने छात्रा के पिता से बात कर उन्हें उसकी शादी न करने के लिए मनाया। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार छात्रा के पिता कैलाश कुमार पंडित जोकि एक स्कूल में शिक्षक हैं ने बताया कि उन्हें पहली बार तो विश्वास ही नहीं हुआ कि उनके फोन पर दूसरी ओर से मुख्यमंत्री बोल रहे हैं।
हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने बेटी को टीवी पर सीएम के साथ देखा तो यकीन हो गया। वहीं सीएम ने फोन पर छात्रा के पिता से उसकी पढ़ाई जारी रखने का अनुरोध तो किया ही उन्होंने रांची के डिप्टी कमिश्नर को भी इस संबंध में निर्देश देकर डॉली की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था करने को कहा है।
सीएम ने पिता को फोन कर किया शादी न करने का अनुरोध
दूसरी ओर वृद्ध कैलाश कुमार पंडित ने बताया कि वह एक स्कूल में शिक्षक हैं और अगले साल रिटायर होने वाले हैं। उनकी कुल सात संतानों में से पांच बेटियां हैं, जिनमें से अभी तीन की शादी हुई है। दो बेटियां शादी के लिए और शेष हैं, जबकि वो अगले साल नौकरी खत्म होने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे।
ऐसे में नौकरी करते करते ही बेटी की शादी करना चाहते हैं। वहीं डॉली के अनुसार सीएम से मिलने का विचार उसके दिमाग में तब आया जब उसने कुछ दिन पहले गुमला की एक छात्रा की खबर पढ़ी थी।
जिसमें 13 साल की बिरसामुनी कुमारी ने अपनी शादी से इंकार करते हुए जिला प्रशासन से अपनी पढ़ाई जारी रखने का अनुरोध किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बिरसामुनी को सम्मानित किया था।
डॉली ने बताया कि उसके घरवालों के पास भी उसकी पढ़ाई जारी रखने के लिए और पैसे नहीं थे, जिसके बाद उसने मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया।