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Jharkhand: 2019 से अब तक झारखंड के करीब 1000 बच्चों और युवाओं को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया

Fri, 09 Sep 2022 06:43 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, रांची।
पीटीआई, रांची। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 09 Sep 2022 06:43 AM IST
सार

झारखंड राज्य बाल संरक्षण समिति की निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बच्चों के लिए कई नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य नीतियों को धरातल पर लाना और हर बच्चे को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

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1000 Jharkhand children and youths rescued from traffickers since 2019
बच्चों की तस्करी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड के लगभग 1,000 बच्चों और युवाओं को 2019 से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से तस्करों के चंगुल से बचाया गया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इनमें से करीब 126 बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे और 359 बच्चे 11 और 14 साल के थे। झारखंड राज्य बाल संरक्षण समिति (जेएससीपीएस) की ओर से गुरुवार को ग्रामीण विकास संस्थान, हेहल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान यह आंकड़ा सामने आया।

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जेएससीपीएस की निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बच्चों के लिए कई नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, "हमारा कर्तव्य नीतियों को धरातल पर लाना और हर बच्चे को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।" उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बाल संरक्षण और बाल अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर समाज को जागरूक करना है।

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कार्यशाला में यूनिसेफ की झारखंड प्रमुख डॉ कनिका मित्रा ने कहा कि आदिवासी राज्य में बाल तस्करी एक गंभीर समस्या है। मित्रा ने कहा, "2019 से अब तक कुल 996 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया गया है। बच्चों की समस्या का पंचायत स्तर पर आकलन किया जाना चाहिए और उसके अनुसार समाधान मुहैया कराया जाना चाहिए।"
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मानव तस्करी की शिकार झारखंड की दो बच्चियों को दिल्ली में मुक्त कराया गया
इस बीच, झारखंड के दो बच्चों को दिल्ली में तस्करों से मुक्त कराया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बच्चे झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से लगातार मानव तस्करी के शिकार बालक/बालिकाओं को मुक्त कराकर उनका पुनर्वास किया जा रहा है। विज्ञप्ति के अनुसार, इसी कड़ी में मानव तस्करी की शिकार गोड्डा जिले की दो बच्चियों को दिल्ली पुलिस की मदद से दिल्ली में मुक्त कराया गया।


विज्ञप्ति में कहा गया है, टोल फ्री नंबर 10582 पर सूचना मिली कि गोड्डा जिले की दो बच्चियों को नई दिल्ली में बेच दिया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार रात करीब 11 बजे स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी कर एक अपार्टमेंट से दोनों बच्चियों को सकुशल मुक्त करा लिया गया। दोनों नाबालिग बच्चियों की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी द्वारा काउंसलिंग की जा रही है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली में मुक्त कराई गईं बच्चियों को दलाल के माध्यम से वहां भेजा गया था।

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