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LoC से विस्थापित महिलाएं राहत कैंपों में महसूस कर रही हैं असहज
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 12 Oct 2016 04:14 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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एलओसी पर मौजूदा तनाव की स्थिति यहां रहने वाली महिलाओं और युवतियों के लिए मुसीबत बन गई हैं। बार-बार घर छोड़कर अनजान स्थान पर रहना रास नहीं आ रहा। इस वजह से वे तनाव में आ रही हैं।
इसका असर उनके व्यक्तिगत जीवन पर पड़ रहा है, जो उनके मानसिक संतुलन पर बुरी तरह से प्रभाव छोड़ रहा है। राज्य महिला आयोग ने कुछ दिन पहले ही एलओसी के पास रहने वाले गांव का दौरा किया। जहां महिलाओं और युवतियों से बात करने पर यह सब सामने आया है।
आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर का कहना है कि पिछले दिनों आयोग की टीम ने पुंछ जिले के एलओसी से सटे इलाकों का दौरा किया है। नियंत्रण रेखा के बिल्कुल नजदीक रहने वाली महिलाओं से बात की गई।
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इसका असर उनके व्यक्तिगत जीवन पर पड़ रहा है, जो उनके मानसिक संतुलन पर बुरी तरह से प्रभाव छोड़ रहा है। राज्य महिला आयोग ने कुछ दिन पहले ही एलओसी के पास रहने वाले गांव का दौरा किया। जहां महिलाओं और युवतियों से बात करने पर यह सब सामने आया है।
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आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर का कहना है कि पिछले दिनों आयोग की टीम ने पुंछ जिले के एलओसी से सटे इलाकों का दौरा किया है। नियंत्रण रेखा के बिल्कुल नजदीक रहने वाली महिलाओं से बात की गई।
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एलओसी विस्थापितों को स्थाई घर देने की मांग
लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
- फोटो : FILE PHOTO
उनका कहना है कि बार-बार घर छोड़ना उन्हें रास नहीं आता। किसी की बेटी जवान है, किसी की नई-नई शादी हुई है। वह कैंपों में रहकर खुद को असहज महसूस करती हैं। इससे उनकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। नियंत्रण रेखा के पास सेना ही सेना है।
घर से आते-जाते उन्हें अपनी पहचान दिखानी पड़ती है। सरकार से सिफारिश की गई है कि एलओसी और बार्डर की जीरो लाइन वाले गांव की महिलाओं को किसी ऐसी जगह स्थायी तौर पर शिफ्ट किया जाए, जहां से उन्हें बार-बार घर छोड़ना न पड़े।
आयोग ने यह भी देखा है कि एलओसी के पास रहने वाली लड़कियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। पढ़ने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं। वे बार-बार घर छोड़कर जाकर कहां पढ़ाई करें।
घर से आते-जाते उन्हें अपनी पहचान दिखानी पड़ती है। सरकार से सिफारिश की गई है कि एलओसी और बार्डर की जीरो लाइन वाले गांव की महिलाओं को किसी ऐसी जगह स्थायी तौर पर शिफ्ट किया जाए, जहां से उन्हें बार-बार घर छोड़ना न पड़े।
आयोग ने यह भी देखा है कि एलओसी के पास रहने वाली लड़कियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। पढ़ने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं। वे बार-बार घर छोड़कर जाकर कहां पढ़ाई करें।