{"_id":"581deb824f1c1bc1324390a3","slug":"villegers-of-border-returned-to-home-for-agriculture","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों की कटाई की मजबूरी मेें जान हथेली पर रखकर घरों को लौटे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों की कटाई की मजबूरी मेें जान हथेली पर रखकर घरों को लौटे ग्रामीण
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 05 Nov 2016 07:55 PM IST
विज्ञापन
सीमा पर लगी फसलों को काटने लौटे ग्रामीण
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ दिन से थमी गोलाबारी के चलते आरएस पुरा सेक्टर के अधिकतर सीमावर्ती ग्रामीण घरों में लौट आए हैं। प्रशासन की ओर से बनाए शिविर अब खाली होने लगे हैं। हालांकि, हर शाम को कुछ ग्रामीण ही शिविरों में लौटते हैं। शनिवार को सुचेतगढ़, कोराटाना खुर्द, अब्दुल्लियां, चंदू चक्क आदि गांव जो सुरक्षा बांध के पार हैं, में ‘अमर उजाला’ ने जाने पर देखा कि काफी ग्रामीण घरों में लौट आए हैं।
विज्ञापन
कई लोगों का पहुंचना जारी था। पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग जोखिम उठाकर घरों में लौटे हैं। जान हथेली पर रखकर फसल की कटाई करने आए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अगर दोबारा पाक की ओर से गोलाबारी की गई तो वह धान की कटाई नहीं कर पाएंगे। इसीलिए जल्द से जल्द धान की कटाई करना चाहते हैं। किसान रक्षपाल सिंह, दयाराम, कृष्ण लाल, राजेश कुमार का कहना है कि पहले पाकिस्तान के किसान अपने क्षेत्र में धान की कटाई के लिए किसान भेजते थे।
विज्ञापन
तब बीएसएफ भी गांव के किसानों को खेतीबाड़ी करने को खेतों पर भेजती थी। अब बदले हालातों के बीच पाकिस्तानी क्षेत्र में धान के खेतों में किसान दिखाई नहीं देते। तारबंदी के आगे फिलहाल किसानों को जाने नहीं दिया जा रहा है। गांव के आसपास ही धान की कटाई हो रही है। लेकिन यहां से पाकिस्तान की पोस्टें दिखाई देती हैं।
विज्ञापन