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कश्मीर के हालात ने रोक दी विकास की रफ्तार

Sat, 27 Aug 2016 07:04 PM IST
संजीव दूबे, अमर उजाला/जम्मू
संजीव दूबे, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 27 Aug 2016 07:04 PM IST
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The situation in Kashmir halted growth
घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : PTI
कश्मीर के हालात के समक्ष रियासत से जुड़े अहम मुद्दे खासतौर से निकाय एवं पंचायत चुनाव का भविष्य अधर में तो लटका ही है, इसके अलावा केंद्र और राज्य प्रायोजित विकास गतिविधियां भी ठप पड़ गई हैं।
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आलम यह है कि कश्मीर में जारी हालात का असर रियासत की अर्थव्यवस्था की रीड पर्यटन उद्योग से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान, परिवहन सेवा (सड़क एवं रेल) पर बुरी तरह से पड़ा है। जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे को चौड़ा करने की परियोजना पर कार्य नौ जुलाई से ठप पड़ गया है। 
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नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के क्षेत्रीय अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि कश्मीर में हिंसा और जारी हालात से कश्मीर में जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे चौड़ीकरण का काम नौ जुलाई से ठप पड़ा हुआ है। फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं कि काम किया जाए। हालात सुधरने के बाद ही परियोजना पर कार्य बहाल हो सकता है। 
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पर्यटन, व्यापारियों को भारी नुकसान

The situation in Kashmir halted growth
श्रीनगर में तैनात सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI
कश्मीर के हालात का सबसे बुरा असर जमीनी स्तर से जुड़े लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया जिसमें निकाय एवं पंचायती चुनाव करवाने पर पड़ा है। रियासत सरकार चुनाव करवाने की तैयारी में जुटी थी, लेकिन घाटी के बिगड़े हालात के चलते चुनाव का भविष्य अधर में लटक चुका है और वर्तमान वर्ष में चुनाव करवाना आसान नहीं दिख रहा। बिजली के क्षेत्र में आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट के अलावा पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना पर भी कश्मीर में काम ठप पड़ गया है। 

व्यापारियों को अब तक करोड़ों का नुकसान हो चुका है। केवल कश्मीर के ही नहीं, इसमें जम्मू के व्यापारी जिनका सामान कश्मीर में बिकता था, उन्हें भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। पर्यटन के पीक सीजन में हालात बिगड़ने से पर्यटन उद्योग और इससे जुड़े कारोबारियों की कमर टूट चुकी है।

विकास की गति रुकी
विकास की गति अलगाववादियों के आंदोलन से थम गई है। सरकारी इमारतों से लेकर सड़कों, बिजली, पानी की दिशा में होने वाले काम ठप पड़े हुए हैं। अनुमान के अनुसार आंदोलन से अब तक करोड़ों का नुकसान सरकार और लोगों को हो चुका है।
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