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कश्मीर हिंसा में सुरक्षा बलों की सख्ती देख चुके असामाजिक तत्व सबसे ज्यादा एक्टिव
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 27 Aug 2016 02:18 PM IST
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श्रीनगर में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : PTI
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कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए साजिशें और रंजिशें एक साथ काम कर रही हैं। देश विरोधी प्रदर्शन से लेकर हिंसक झड़पों और भीड़ से आतंकी हमलों की घटनाओं ने सुरक्षा बलों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
छब्बीस साल के आतंकवाद के दौर में पहली मर्तबा ऐसा हो रहा है, जब उपद्रव का केंद्र श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके से छिटक कर आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है।
इस पूरे माहौल को तैयार करने वाले सैकड़ों में नहीं, बल्कि हजारों में हैं। एक तरफ हिंसा भड़काने की सजिशें जारी हैं, वहीं आतंकवादी गतिविधियों में मुलव्विस रहे हजारों की तादाद में वो लोग हैं, जो या तो सजा काट चुके हैं या फिर जमानत पर रिहा हैं।
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छब्बीस साल के आतंकवाद के दौर में पहली मर्तबा ऐसा हो रहा है, जब उपद्रव का केंद्र श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके से छिटक कर आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है।
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इस पूरे माहौल को तैयार करने वाले सैकड़ों में नहीं, बल्कि हजारों में हैं। एक तरफ हिंसा भड़काने की सजिशें जारी हैं, वहीं आतंकवादी गतिविधियों में मुलव्विस रहे हजारों की तादाद में वो लोग हैं, जो या तो सजा काट चुके हैं या फिर जमानत पर रिहा हैं।
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हिंसा भड़काने वाले 1000 से अधिक चेहरे चिह्नित
घाटी में कर्फ्यू जारी
- फोटो : PTI
सूत्राें के अनुसार कश्मीर घाटी में ऐसे लोगाें की संख्या 20 हजार के करीब है, जिनकी पृष्ठभूमि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आतंकवाद के साथ जुड़ी हुई है। कभी न कभी सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना कर चुके ये लोग घाटी का माहौल बिगड़ने पर अचानक एक्टिव हो जाते हैं।
हिजबुल आतंकी बुरहान की मौत पर अचानक आए हिंसा के उबाल में ये तत्व अपनी रंजिश निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। खासकर दक्षिण कश्मीर में ऐसे लोग सबसे ज्यादा एक्टिव हैं जहां पर सुरक्षा बलों को लगातार पथराव और हमलों की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
नौ जुलाई से घाटी में जारी हिंसा को भड़काने वाले तत्वों की शिनाख्त करने में जुटी पुलिस ने एक हजार से अधिक चेहराें को चिह्नित कर लिया है। इनमें से सबसे ज्यादा चेहरे दक्षिण कश्मीर में हिंसा भड़काने के आरोपी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसे तत्वों को पुलिस चरणवार दबोचेगी।
हिजबुल आतंकी बुरहान की मौत पर अचानक आए हिंसा के उबाल में ये तत्व अपनी रंजिश निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। खासकर दक्षिण कश्मीर में ऐसे लोग सबसे ज्यादा एक्टिव हैं जहां पर सुरक्षा बलों को लगातार पथराव और हमलों की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
नौ जुलाई से घाटी में जारी हिंसा को भड़काने वाले तत्वों की शिनाख्त करने में जुटी पुलिस ने एक हजार से अधिक चेहराें को चिह्नित कर लिया है। इनमें से सबसे ज्यादा चेहरे दक्षिण कश्मीर में हिंसा भड़काने के आरोपी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसे तत्वों को पुलिस चरणवार दबोचेगी।
169 लोगों पर पीएसए लगाने की तैयारी
घाटी में हिंसा
- फोटो : PTI
घाटी में 169 लोगों पर पीएसए लगाने की तैयारी है, जिनमें से 75 के करीब केवल दक्षिण कश्मीर से ही हैं। उत्तरी कश्मीर के 31, मध्य कश्मीर के नौ, श्रीनगर के 12 लोगों पर पीएसए लगाने की अनुशंसा शामिल है। डीजीपी कार्यालय ने कश्मीर जोन के आईजी को इस बाबत लिखित में पत्र भेजा है।
पीएसए लगाने के लिए तैयार की गई सूची में ज्यादातर लोग देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। कुछ वकील हैं तो कई धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता हैं। उल्लेखनीय है कि पीएसए लगाने से हटकर हुई अब तक की कार्रवाई में दक्षिण कश्मीर में उपद्रव से जुड़े 500 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और 350 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं।
पीएसए लगाने के लिए तैयार की गई सूची में ज्यादातर लोग देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। कुछ वकील हैं तो कई धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता हैं। उल्लेखनीय है कि पीएसए लगाने से हटकर हुई अब तक की कार्रवाई में दक्षिण कश्मीर में उपद्रव से जुड़े 500 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और 350 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं।