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केंद्र ने J&K को एनएचपीसी की बिजली परियोजनाओं के हस्तांतरण से किया इंकार
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 21 May 2016 01:08 AM IST
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूश गोयल
- फोटो : PTI
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नेशनल हाइड्रो-पावर कारपोरेशन (एनएचपीसी) द्वारा संचालित पनबिजली परियोजनाओं के जम्मू-कश्मीर को हस्तांतरण से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, इन परियोजनाओं से पैदा होने वाली बिजली की हिस्सेदारी बढ़ाने से भी इनकार किया है।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन द्वारा एजेंडा ऑफ एलायंस में पावर प्रोजेक्टों को राज्य को वापस दिलाने का वादा किया गया था, जिसका जवाब देते हुए केंद्र ने जवाब दिया कि ‘राज्यों द्वारा केंद्र के सामने बहुत सी मांगें रखी जाती हैं, लेकिन हर मांग को फैसलों में तब्दील नहीं किया जा सकता’।
वहीं बिजली की हिस्सेदारी में 12 से 25 फीसदी करने को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूश गोयल ने कहा कि यह बिजली परियोजनाएं सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा संभाली जा रही हैं।12 फीसदी की बिजली में भागीदारी देश में सभी राज्यों के लिए एक सामान है। निजी कंपनियों के मानदंडों के अनुसार देश भर में यही हिस्सा दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि बिजली भागीदारी में किसी भी राज्य को विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता। गोयल ने कहा कि मुनाफे में शेयर हितधारकों को दिया जाता है। अलग-अलग राज्यों के लिए मुनाफे में अलग से कोई हिस्सा नहीं हो सकता।
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पीडीपी-भाजपा गठबंधन द्वारा एजेंडा ऑफ एलायंस में पावर प्रोजेक्टों को राज्य को वापस दिलाने का वादा किया गया था, जिसका जवाब देते हुए केंद्र ने जवाब दिया कि ‘राज्यों द्वारा केंद्र के सामने बहुत सी मांगें रखी जाती हैं, लेकिन हर मांग को फैसलों में तब्दील नहीं किया जा सकता’।
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वहीं बिजली की हिस्सेदारी में 12 से 25 फीसदी करने को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूश गोयल ने कहा कि यह बिजली परियोजनाएं सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा संभाली जा रही हैं।12 फीसदी की बिजली में भागीदारी देश में सभी राज्यों के लिए एक सामान है। निजी कंपनियों के मानदंडों के अनुसार देश भर में यही हिस्सा दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि बिजली भागीदारी में किसी भी राज्य को विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता। गोयल ने कहा कि मुनाफे में शेयर हितधारकों को दिया जाता है। अलग-अलग राज्यों के लिए मुनाफे में अलग से कोई हिस्सा नहीं हो सकता।
लोगों को बिजली बिलों का भुगतान करने में सहयोग करने की अपील
बिजली परियोजना
- फोटो : अमर उजाला
कोई भी राज्य जल विद्युत परियोजनाओं से मुनाफे की हिस्सेदारी में विशेष दर्जा नहीं पा सकता। चिनाब वैली कारपोरेशन जो सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम है जल्द ही राज्य में बिजली परियोजनाओं को शुरू करेगा और जम्मू-कश्मीर स्वाभाविक रूप से मुनाफे में शेयर धारक होगा।
बिजली आपूर्ति में नुकसान को रोकने के लिए पावर ट्रांसमिशन के बुनियादी ढांचे में सुधार के बारे में एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन में 50 प्रतिशत का नुकसान गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर में ट्रांसमिशन के दौरान नुकसान के पीछे कई कारण हैं। राज्य सरकार घाटे को कम करने के लिए काम कर रही है।
बिजली की कमी पर मंत्री ने कहा कि केंद्र राज्य में बिजली की कमी के मुद्दे का समाधान करने के लिए गंभीर है। साथ ही उन्होंने लोगों को बिजली बिलों का भुगतान करने में सहयोग करने की अपील की। यह भी कहा कि जो बिजली चोरी करते हैं, उनका खुलासा करें।
ट्रांसफार्मरों की मरम्मत पर मंत्री ने कहा कि नई दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 619 करोड़ और आईपीडीएस योजना के अंतर्गत 446 करोड़ की मंजूरी राज्य के लिए दी गई है।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नई दिल्ली से एक वीडियो संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जो आठ राज्यों में विभिन्न स्टूडियो में लाइव प्ले हो रहा था। श्रीनगर में इसका आयोजन जिला उपायुक्त
कार्यालय के एनआईसी केंद्र में किया गया था।
बिजली आपूर्ति में नुकसान को रोकने के लिए पावर ट्रांसमिशन के बुनियादी ढांचे में सुधार के बारे में एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन में 50 प्रतिशत का नुकसान गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर में ट्रांसमिशन के दौरान नुकसान के पीछे कई कारण हैं। राज्य सरकार घाटे को कम करने के लिए काम कर रही है।
बिजली की कमी पर मंत्री ने कहा कि केंद्र राज्य में बिजली की कमी के मुद्दे का समाधान करने के लिए गंभीर है। साथ ही उन्होंने लोगों को बिजली बिलों का भुगतान करने में सहयोग करने की अपील की। यह भी कहा कि जो बिजली चोरी करते हैं, उनका खुलासा करें।
ट्रांसफार्मरों की मरम्मत पर मंत्री ने कहा कि नई दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 619 करोड़ और आईपीडीएस योजना के अंतर्गत 446 करोड़ की मंजूरी राज्य के लिए दी गई है।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नई दिल्ली से एक वीडियो संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जो आठ राज्यों में विभिन्न स्टूडियो में लाइव प्ले हो रहा था। श्रीनगर में इसका आयोजन जिला उपायुक्त
कार्यालय के एनआईसी केंद्र में किया गया था।