फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   terrorist funding in kashmir

कश्मीर में हिंसा फैला रहे किराए के पत्थरबाज

Sat, 20 Aug 2016 01:55 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/श्रीनगर
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sat, 20 Aug 2016 01:55 PM IST
विज्ञापन
terrorist funding in kashmir
पथराव - फोटो : PTI
कश्मीर में किराए के पत्थरबाज हिंसा फैला रहे हैं। आतंकी बुरहान की मुठभेड़ में मौत के बाद से जारी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अलगाववादियों के हाथ से निकल चुका है।
विज्ञापन


अब अलगाववादी अपना रसूख बचाने के लिए बंद की तारीखें लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। इस बार अलगाववादियों ने बंद और प्रदर्शनों को 25 अगस्त तक बढ़ाने का एलान किया है। पाकिस्तान की एजेंसियां उपद्रवियों को आतंकी संगठनों के माध्यम से फंडिंग कर रहीं है। सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को इस आशय की रिपोर्ट भेजी है। 
विज्ञापन


उधर, गवर्नर और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार हो रही मुलाकातों में भी हिंसा के कारणों के पीछे विदेशी फंडिंग की ही बात सामने आई है। गवर्नर ने पूर्व कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर और सपीएम नेता एमवाई तारिगामी से स्थिति सामान्य बनाने के उपायों पर बातचीत की है। गवर्नर की पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्थरबाजों को दिनभर के लिए दिए जा रहे हजार रुपये

terrorist funding in kashmir
श्रीनगर में गश्त करते सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI
सुरक्षा एजेंसियों ने गवर्नर और जम्मू-कश्मीर सरकार को भी हिंसा के कारणों पर रिपोर्ट दी है। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कश्मीरी युवकों को पत्थरबाजी के लिए दिन में एक हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं।

आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद उपजे हालात में अब लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कश्मीर के गांवों में युवकों को इकट्ठा कर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी के लिए उकसाने लगे हैं। कम उम्र के बेरोजगार कश्मीर युवक झांसे में आकर पत्थर उठा रहे हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय को रियासत सरकार की ओर से भेजी गई गई रिपोर्ट में घाटी में हिंसा के पीछे 90 सक्रिय आतंकियों का हाथ बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक वास्तव में यह संख्या 300 से अधिक हो सकती है।

​पत्थरबाजों पर नरमी सुरक्षा बलों पर भारी

terrorist funding in kashmir
घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI
इस साल जून तक 200 से अधिक आतंकी घुसपैठ में सफल हुए थे। आतंकी बुरहान की मौत के बाद पीओके और पाकिस्तान से 70 आतंकी घुसपैठ करने सफल रहे हैं। आतंकियों की शह पर अब मस्जिदों से आजादी के तरानों का लगातार प्रसारण हो रहा है। उपद्रवियों को फंडिंग रोके बगैर फिलहाल पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगा पाना संभव नहीं लग रहा है। 

पेलेट गन विवाद के बाद सुरक्षा बलों ने केंद्र के निर्देश पर नरमी बरती लेकिन इसका खामियाजा भी उन्हें उठाना पड़ा है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सात अगस्त तक कश्मीर में 1018 प्रदर्शन हुए। इनमें घायल हुए नागरिकों की संख्या 3356 है जबकि सुरक्षा बलों के 4515 जवान जख्मी हुए हैं। इनमें से 300 से अधिक स्थायी रूप से दिव्यांग बन गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed