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कश्मीर हिंसा पर गलत खबर दिखा रहे चैनल, प्रशासन ने लगाई प्रसारण पर रोक
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:58 AM IST
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घाटी में हिंसा
- फोटो : PTI
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कश्मीर घाटी में न्यूज चैनल के प्रसारण पर रोक लगाने का प्रशासन ने निर्देश दिया है।
श्रीनगर के जिला प्रशासन की ओर से केबल टीवी आपरेटरों को भेजे गए नोटिस में केबीसी, गुलिस्तां, मुंसिफ, जेके चैनल तथा इंसाफ टीवी के प्रसारण पर रोक लगाने को कहा गया है। नोटिस के बाद से कई इलाकों में न्यूज चैनल का प्रसारण रोक दिया गया है।
श्रीनगर के डीसी की ओर से एसएसपी के मार्फत सेन डिजिटल नेटवर्क, जेके मीडिया नेटवर्क सर्विस तथा टेक वन मीडिया को नोटिस जारी किया गया है।
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श्रीनगर के जिला प्रशासन की ओर से केबल टीवी आपरेटरों को भेजे गए नोटिस में केबीसी, गुलिस्तां, मुंसिफ, जेके चैनल तथा इंसाफ टीवी के प्रसारण पर रोक लगाने को कहा गया है। नोटिस के बाद से कई इलाकों में न्यूज चैनल का प्रसारण रोक दिया गया है।
श्रीनगर के डीसी की ओर से एसएसपी के मार्फत सेन डिजिटल नेटवर्क, जेके मीडिया नेटवर्क सर्विस तथा टेक वन मीडिया को नोटिस जारी किया गया है।
चैनल के कार्यक्रम से स्थित बिगड़ने का खतरा
हिंसा
- फोटो : PTI
नोटिस में कहा गया है कि न्यूज चैनल की ओर से कई ऐसे कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो रही है। साथ ही सौहार्द भी बिगड़ रहा है।
केबल टीवी नेटवर्क एक्ट के तहत इन चैनलों के प्रसारण पर रोक लगाया जाता है। इसकी अवहेलना होने पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ केबल आपरेटर ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि वे सेटेलाइट चैनल हैं। उन पर केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट लागू नहीं होता है। वे चैनल का प्रसारण बंद नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इसका प्रसारण सेटेलाइट के जरिये होता है। यह स्थानीय केबल चैनल नहीं है।
केबल टीवी नेटवर्क एक्ट के तहत इन चैनलों के प्रसारण पर रोक लगाया जाता है। इसकी अवहेलना होने पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ केबल आपरेटर ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि वे सेटेलाइट चैनल हैं। उन पर केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट लागू नहीं होता है। वे चैनल का प्रसारण बंद नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इसका प्रसारण सेटेलाइट के जरिये होता है। यह स्थानीय केबल चैनल नहीं है।
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कई कश्मीरी अखबारों की खबरों का हो रहा खंडंन
श्रीनगर में पथराव करते युवक
- फोटो : PTI
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
कुछ दिन पहले कुछ कश्मीरी अखबारों ने हिंसा को लेकर गलत खबरें छापी थी, जिस पर पुलिस-प्रशासन ने आपत्ति जताई थी। वहीं मौत के आंकड़ों को भी कई चैनल और अखबार बढ़ा चढ़ा कर दिखा रहे हैं।
कुछ दिन पहले कुछ कश्मीरी अखबारों ने हिंसा को लेकर गलत खबरें छापी थी, जिस पर पुलिस-प्रशासन ने आपत्ति जताई थी। वहीं मौत के आंकड़ों को भी कई चैनल और अखबार बढ़ा चढ़ा कर दिखा रहे हैं।