दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर पथराव, तनाव बरकरार
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कश्मीर में सोमवार को अपेक्षाकृत शांति रही। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के करीमाबाद गांव में सुरक्षा बलों की घेराबंदी और सर्च आपरेशन शुरू करने के बाद लोगों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों पर भी सोमवार की शाम अलगाववादियों के बंद को दरकिनार कर सड़कों पर निकले वाहनों पर पत्थरबाजी की गई। इसमें कई वाहन के शीशे टूट गए हैं।
करीमाबाद में 55 राष्ट्रीय रायफल्स, एसओजी तथा सीआरपीएफ 182 बटालियन ने सर्च आपरेशन शुरू किया तो लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
इसके साथ ही श्रीनगर के डाउन टाउन, सिविल लाइंस, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, गांदरबल में शाम को सड़कों पर निकले वाहनों पर पथराव किया गया। श्रीनगर तथा मुजफ्फराबाद के बीच कारवां-ए-अमन बस सेवा दो सप्ताह बाद सोमवार को बहाल हो गई। बस से 35 मुसाफिर गए। इनमें 22 कश्मीरी थे जो अपने रिश्तेदारों के घर गए। मुजफ्फराबाद के 12 लोग घर लौटे। घाटी में सोमवार को अन्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में वाहन सड़कों पर दिखे। कुछ दुकानें भी खुलीं। हालांकि, घाटी में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
अलगाववादियों ने फिर बुलाई बैठक
अलगाववादियों ने भविष्य में आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए हैदरपोरा में आठ नवंबर को सुबह साढ़े 10 बजे बैठक बुलाई है। इसमें ट्रेडर्स, शिक्षाविद, ट्रांसपोर्टर, सिविल सोसाइटी के सदस्य, धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया है।
माना जा रहा है कि अवाम की बेरुखी से अलगाववादियों के हौसले पस्त हुए हैं। ऐसे में बंद को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर फैसला लिया जा सकता है। गौरतलब है कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में लगातार अशांति का माहौल बरकरार है।