इमरजेंसी वार्ड में रिएक्शन: चार दिन में 12 मरीज चपेट में, एक की मौत
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राजोरी जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को रिएक्शन होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। चार दिनों के भीतर 12 मरीजों की हालत रिएक्शन के कारण बिगड़ चुकी है। जबकि डोडाज निवासी शकील अहमद की हालत ज्यादा खराब होने से उसकी मौत हो गई।
शनिवार को भी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दो मरीजों को रिएक्शन हो गया। दोनों मरीजों को रिएक्शन से बचाने के लिए इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद उनकी हालत स्थिर हुई। दरअसल जिला अस्पताल में लगातार हो रहे रिएक्शन के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
कुछ विशेषज्ञ डाक्टरों ने ग्लूकोज या ड्रिप सेट को ही रिएक्शन का कारण माना हैं तो वहीं अन्य डाक्टर व पैरा मेडिकल कर्मचारियों ने अस्पताल में साफ-सफाई न होना रिएक्शन का कारण मान रहे हैं। सीएमओ ने दो दिन पहले ही जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद ग्लूकोज की बोतलों व ड्रिप सेटों के सैंपल भर कर जांच के लिए जम्मू भेज दिए गए हैं। जांच की रिपोर्ट के आने का इंतजार है।
बड़े साजिश की आशंका
अस्पताल के रिकार्ड की जांच करने पर पता चला कि अभी तक रिएक्शन के मामले केवल इमरजेंसी व मेडिकल वार्ड में ही सामने आए हैं। ग्लूकोज व ड्रिप सेट की जो सप्लाई इमरजेंसी व मेडिकल वार्ड में हो रही है, वही सप्लाई अन्य वार्डों में भी हो रही है। अन्य किसी भी वार्ड में रिएक्शन न होना अस्पताल प्रशासन को सवालों के घेरे में ला खड़ा करता है।
इमरजेंसी और मेडिकल वार्ड में रिएक्शन के पीछे किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल के कुछ अंदरूनी सूत्रों की मानें तो कुछ कर्मचारियों की सजिश हो सकती है कि अस्पताल को बदनाम किया जाए।
पिछले करीब दो महीनों से मरीजों को हर प्रकार की दवा अस्पताल से ही मिल रही है। इससे दवाओं की दुकानों के काम काज पर प्रभाव पड़ा है। सूत्रों का कहना है कुछ अंदरूनी ताकतें ही अस्पताल को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं।