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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   politics on the restructuring of Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board

वैष्णो देवी: श्राइन बोर्ड में बदलाव चाहती है भाजपा, विपक्ष का कड़ा विरोध

Tue, 30 Aug 2016 11:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 30 Aug 2016 11:56 AM IST
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politics on the restructuring of Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board
माता वैष्णो देवी - फोटो : FILE
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पुनर्गठन के मुद्दे पर सियासी बहस छिड़ गई है। भाजपा ने बोर्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित नागरिकों और अधिकारियों को बोर्ड में स्थान देने का मुद्दा उठाया है, जबकि विपक्ष मानता है कि यह बोर्ड के संघीकरण की कोशिश है। पक्ष और विपक्ष में इस मुद्दे पर ठन गई है। 
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प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता का कहना है कि मुद्दा भाजपा या आरएसएस का नहीं है। यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बोर्ड में शामिल करने से जुड़ा है। देश में जगन्नाथ मंदिर बोर्ड और तिरुपति मंदिर बोर्ड में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि बोर्ड से पदेन सदस्य होते हैं। यह फार्मूला श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में भी लागू किया जाना चाहिए।
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रियासी का स्थानीय विधायक चाहे भाजपा, पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस या कांग्रेस किसी भी दल का हो, उसे बोर्ड में सदस्य बनाया जाना चाहिए। इसी सांसद और कटड़ा के एक-दो प्रतिष्ठित नागरिकों को इसमें स्थान मिलना चाहिए। स्थानीय डीसी और एसएसपी को भी सदस्य बनाया जा सकता है, ताकि स्थानीय लोगों को लगे कि प्रोजेक्टों के निर्माण में उनके हितों का भी ध्यान रखा जाएगा। इस संबंध में गवर्नर को ज्ञापन दिया गया है और स्थानीय लोग भी इसकी मांग करते रहे हैं। 
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'धार्मिक बोर्ड को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए'

politics on the restructuring of Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board
vaishno devi - फोटो : Amar Ujala
वर्तमान में गवर्नर मनोनयन करते हैं, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौका नहीं मिलता है। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह भी इस आशय का विचार व्यक्त कर चुके हैं। 

दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि धर्म, कला और संस्कृति को सियासत से दूर रखा जाना चाहिए। भाजपा सत्ता के नशे में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में भी सियासत को घुसाना चाहती है। पूर्व राज्यपाल जगमोहन ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का गठन किया था और तब से लेकर आज तक बोर्ड ने तरक्की के साथ-साथ श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को पूरा ख्याल रखा है।

राजनीति करने के लिए विधानसभा, संसद है। धार्मिक बोर्ड को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अजय सडोत्रा का कहना हैं कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में सियासी हस्तक्षेप किसी तरह का नहीं होना चाहिए। बोर्ड के गठन के बाद से काफी सुधार आया और बेहतर तरीके से बोर्ड काम कर रहा है। बोर्ड के काम में सियासी हस्तक्षेप ठीक नहीं होगा। 
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