दक्षिणी कश्मीर में इंसानियत और कश्मीरियत की जिंदा मिसाल सामने आई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के बीच सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश देती खबर आई है। दक्षिण कश्मीर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक कश्मीरी पंडित युवती की शादी हर्षोल्लास से रचाई। जहां एक ओर बिगड़े हालात के चलते अधिकतर शादियां रद्द कर दी गईं।
वहीं मां-बाप को खो चुकी कश्मीरी पंडित युवती शानू कुमारी का मुस्लिम समुदाय के स्थानीय लोगों के सहयोग से कराया गया। इस शादी में शामिल होने के लिए भले ही जम्मू से उनके रिश्तेदार नहीं पहुंच सके, पर यह कमी भी स्थानीय लोगों ने पूरी कर दी।
कश्मीरियत की यह जिंदा मिसाल पुलवामा जिले के वुयन गांव में देखने को मिली। यहां के स्थानीय लोगों ने न सिर्फ इस दुल्हन का ब्याह धूमधाम से रचाया, बल्कि शादी की हर जरूरी सामग्री भी मुहैया कराई।
तनावपूर्ण हालात के बीच कश्मीरी पंडित युवती की शादी
इसमें दुल्हन का जोड़ा, सोने के जेवर आदि शामिल थे। हालांकि, कश्मीर में मौजूदा स्थिति को लेकर शानू और उसके भाई काफी चिंतित थे और असमंजस में थे कि ब्याह हो पाएगा या नहीं, लेकिन सदियों से चले आ रहे भाईचारे ने उनकी सभी परेशानियां दूर कर दीं।
स्थानीय निवासी मोहम्मद इस्माइल के अनुसार भाई-बहन शादी की तैयारियों को लेकर काफी चिंतित थे। सोच रहे थे कि इन खराब हालात में तैयारियां कैसी पूरी की जाएंगी। जैसे ही यह बात स्थानीय मोहल्ला कमेटी को पता चली तो स्थानीय युवाओं की सहायता से दिन-रात एक कर और दुश्वारियों का सामना करते हुए सभी तैयारियां पूरी की गईं।
11 अगस्त को धूमधाम से शादी हो गई। शादी में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने भी रिवायती कश्मीरी गाने (वनवुन) गाए और खुशनुमा माहौल बना दिया।