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'एनकाउंटर के बहाने कश्मीर घाटी में खराब किए गए हालात'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 22 Aug 2016 08:07 PM IST
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लोगों को संबोधित करतीं सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पिछले करीब डेढ़ माह से कश्मीर में बिगड़े चले आ रहे हालात को साजिश बताते हुए कहा है कि एनकाउंटर को बहाना बनाकर कुछ लोगों ने हालात खराब किए।
महबूबा ने कहा उनकी सरकार के गठन के बाद से ही कभी हंदवाड़ा तो कभी सैनिक कालोनी को मुद्दा बना हालात खराब करने की कोशिश की गई। जब बात नहीं बनी तो एनकाउंटर को बहाना बनाकर प्रदेश में हालात खराब किए गए।
सोमवार को जम्मू के भगवती नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन और बाग-ए-बाहु में साउंड, लाइट एंड लेजर शो व म्यूजिक फाउंटेन की आधारशिला रखने के बाद महबूबा ने अपने संबोधन में कहा कि 2010 में जो कुछ हुआ।
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इस बार ऐसा कुछ नहीं है। तब लोगों का फर्जी एनकाउंटर हुआ, फिर सोपोर में दो बच्चियों से बलात्कार कर हत्या की गई। साथ ही राह चलते मासूम लोगों पर गोलियां चली। आज किसी भी आम आदमी पर किसी तरह का कोई जुल्म नहीं हुआ।
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महबूबा ने कहा उनकी सरकार के गठन के बाद से ही कभी हंदवाड़ा तो कभी सैनिक कालोनी को मुद्दा बना हालात खराब करने की कोशिश की गई। जब बात नहीं बनी तो एनकाउंटर को बहाना बनाकर प्रदेश में हालात खराब किए गए।
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सोमवार को जम्मू के भगवती नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन और बाग-ए-बाहु में साउंड, लाइट एंड लेजर शो व म्यूजिक फाउंटेन की आधारशिला रखने के बाद महबूबा ने अपने संबोधन में कहा कि 2010 में जो कुछ हुआ।
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इस बार ऐसा कुछ नहीं है। तब लोगों का फर्जी एनकाउंटर हुआ, फिर सोपोर में दो बच्चियों से बलात्कार कर हत्या की गई। साथ ही राह चलते मासूम लोगों पर गोलियां चली। आज किसी भी आम आदमी पर किसी तरह का कोई जुल्म नहीं हुआ।
चंद लोग मासूम बच्चों से सीआरपीएफ और पुलिस पर करवा रहे हमले
पीड़ित के परिवार वालों से मिलतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
किसी इलाके में आतंकी मारे गए। मुझे लगता हैं इसमें कोई गम नहीं और किसी का कसूर नहीं। पिछले ढाई दशक से कश्मीर में एनकाउंटर हुए। लेकिन, इस बार पहले से ही तैयारी थी कि कुछ बहाना बनाकर हालात खराब किए जाएं। उन्होंने कहा कि मुट्ठी पर लोग मासूम बच्चों के साथ पुलिस स्टेशन जाते हैं और पुलिस से बंदूक को छीनने की कोशिश करते हैं।
इसके साथ ही बच्चों से पुलिस स्टेशन पर पेट्रोल पंप फेंकवाते हैं और सीआरपीएफ कैंप पर हमला करवाते हैं। जब सुरक्षाबल कार्यवाइ करने पर मजबूर हो जाते हैं, तो ये लोग भाग जाते हैं।
इसका खामियाजा छोटे-छोटे बच्चों को उठाना पड़ता है। महबूबा ने सुरक्षाबलों की तारीफ करते हुए कहा कि अपनी तरफ से पूरा संयम बरतने के बावजूद जब लोग उनके कैंप में घुस जाते हैं, तो उन्हें कार्यवाई करने को मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने अफगानिस्तान और सीरिया में बम ब्लास्ट के बाद आइ एक तस्वीर का हवाला देते हुए कहा कि जो आजादी इस मुल्क में है, वह उन मुल्कों में भी नहीं, जो अपने को आजाद व इस्लामिक बताते हैं। वहीं केंद्र सरकार से महबूबा ने अपील की कि वह सभी कश्मीरियों को एक नजर से न देखे और कश्मीर के जो भी अलग-अलग तबके के लोग हैं, उनसे बातचीत करने की पहल करे।
इसके साथ ही बच्चों से पुलिस स्टेशन पर पेट्रोल पंप फेंकवाते हैं और सीआरपीएफ कैंप पर हमला करवाते हैं। जब सुरक्षाबल कार्यवाइ करने पर मजबूर हो जाते हैं, तो ये लोग भाग जाते हैं।
इसका खामियाजा छोटे-छोटे बच्चों को उठाना पड़ता है। महबूबा ने सुरक्षाबलों की तारीफ करते हुए कहा कि अपनी तरफ से पूरा संयम बरतने के बावजूद जब लोग उनके कैंप में घुस जाते हैं, तो उन्हें कार्यवाई करने को मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने अफगानिस्तान और सीरिया में बम ब्लास्ट के बाद आइ एक तस्वीर का हवाला देते हुए कहा कि जो आजादी इस मुल्क में है, वह उन मुल्कों में भी नहीं, जो अपने को आजाद व इस्लामिक बताते हैं। वहीं केंद्र सरकार से महबूबा ने अपील की कि वह सभी कश्मीरियों को एक नजर से न देखे और कश्मीर के जो भी अलग-अलग तबके के लोग हैं, उनसे बातचीत करने की पहल करे।