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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Media is not above the law: highcourt

J&K हाईकोर्ट की न्यूज चैनलों को फटकार, कानून से ऊपर नहीं है मीडिया

Fri, 22 Jul 2016 09:26 PM IST
एजेंसी/जम्मू
एजेंसी/जम्मू Updated Fri, 22 Jul 2016 09:26 PM IST
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Media is not above the law: highcourt
J&K हाईकोर्ट - फोटो : Demo Pic.
जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट ने कश्मीर हिंसा पर कुछ न्यूज चैनलों की रिपोर्टिंग को उन्माद भड़काने वाली बताते हुए सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस मुजफ्फर हसनैन अतार की खंडपीठ ने कहा न्यूज चैनलों ने कश्मीर और कश्मीर के लोगों के प्रति उन्माद पैदा किया। पीठ ने कहा घाटी के आईएएस अफसर शाह फैजल को भी एक किनारे कर दिया गया।

कोर्ट ने कहा जिस तरह से नेशनल न्यूज चैनलों ने कवरेज की है वह आपत्तिजनक है। कुछ नेशनल न्यूज चैनलों ने उन्माद पैदा किया जिससे सरकार के लिए परेशानियां बढ़ गईं। सरकार को न सिर्फ ऐसे चैनलों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए बल्कि उन्हें रेगूलेट भी करना चाहिए।
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खंडपीठ ने कहा मीडिया कानून से ऊपर नहीं है और उसे इसके प्रति बखूबी अवगत करवाया जाना चाहिए। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कश्मीर के स्कूली शिक्षा निदेशक शाह फैजल द्वारा एक अंग्रेजी अखबार के लिए लिखे गए आलेख बिटवीन द स्टूडियो एंड द स्ट्रीट का भी संज्ञान लिया।
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पीठ ने कहा उन्मादी कवरेज ने आईएएस अफसर को एक किनारे पर कर दिया है। यदि वे इस्तीफा देते हैं तो उन्हें एक दूसरे किनारे पर होने की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि कश्मीर से सिविल सर्विसेज परीक्षा में पहले टॉपर शाह फैजल ने पिछले सप्ताह न्यूज चैनलों द्वारा हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के साथ उनकी तस्वीर लगाकर तुलना करने पर लताड़ लगाई थी।
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