कश्मीर हिंसा: पत्थरबाजों से अब सख्ती से निबटेगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटी में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद फैली हिंसा को सरकार अब सख्ती से कुचलने का मन बना रही है। हिंसा तथा पत्थरबाजी की घटनाओं को सख्ती से रोका जाएगा। पत्थरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
पिछले एक महीने से घाटी में हिंसा के चलते सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित है। कारोबार ठप है। पर्यटन पर ग्रहण से करोड़ों के राजस्व का नुकसान है। सेब का सीजन होने से भी राजस्व प्रभावित होने की आशंका है।
सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि युवाओं को सुनियोजित साजिश के तहत पत्थरबाजी के लिए भड़काया जाया जा रहा है। इसमें अलगाववादी खेमा लगातार बंद को बढ़ाकर हिंसा को और भड़का रहा है।
घाटी में हिंसा के चलते सरकारी कामकाज और कारोबार ठप
हालात को सामान्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सभी वर्गों से अपील और सर्वदलीय बैठक के बाद काफी दिनों तक इंतजार किया गया कि स्थिति नियंत्रण में आ जाए। इस बीच लगातार विपक्ष की ओर से सरकार पर स्थिति को काबू पाने में विफल रहने के आरोप लगते रहे।
कहा जा रहा है कि हाल ही में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 1030 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही 1000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पत्थरबाजों की तलाश में छापे भी मारे जा रहे हैं। डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह का कहना है कि सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
पीसीआर में हेल्पलाइन स्थापित
पूरी घाटी में पुलिस कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन स्थापित की गई है। सभी जिलों में स्थापित हेल्पलाइन पर लोग उपद्रव की सूचना दे सकते हैं। पुलिस के अनुसार लोग उपद्रव, प्रदर्शनकारियों की ओर से रास्ता जाम करने, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना दे सकते हैं।
आम नागरिक 100 नंबर पर भी सूचना दे सकते हैं। श्रीनगर में 01942477567, 9596222550 व 9596222551, अनंतनाग में 0193222870, 222100, 9596777669 पर सूचना दी जा सकती है।