फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kashmir violence: government strict on stone pelting

कश्मीर हिंसा: पत्थरबाजों से अब सख्ती से निबटेगी सरकार

Tue, 09 Aug 2016 01:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 09 Aug 2016 01:28 PM IST
विज्ञापन
Kashmir violence:  government strict on stone pelting
- फोटो : PTI

घाटी में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद फैली हिंसा को सरकार अब सख्ती से कुचलने का मन बना रही है। हिंसा तथा पत्थरबाजी की घटनाओं को सख्ती से रोका जाएगा। पत्थरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

विज्ञापन


पिछले एक महीने से घाटी में हिंसा के चलते सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित है। कारोबार ठप है। पर्यटन पर ग्रहण से करोड़ों के राजस्व का नुकसान है। सेब का सीजन होने से भी राजस्व प्रभावित होने की आशंका है। 
विज्ञापन


सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि युवाओं को सुनियोजित साजिश के तहत पत्थरबाजी के लिए भड़काया जाया जा रहा है। इसमें अलगाववादी खेमा लगातार बंद को बढ़ाकर हिंसा को और भड़का रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

घाटी में हिंसा के चलते सरकारी कामकाज और कारोबार ठप

Kashmir violence:  government strict on stone pelting

हालात को सामान्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सभी वर्गों से अपील और सर्वदलीय बैठक के बाद काफी दिनों तक इंतजार किया गया कि स्थिति नियंत्रण में आ जाए। इस बीच लगातार विपक्ष की ओर से सरकार पर स्थिति को काबू पाने में विफल रहने के आरोप लगते रहे। 

कहा जा रहा है कि हाल ही में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 1030 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही 1000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पत्थरबाजों की तलाश में छापे भी मारे जा रहे हैं। डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह का कहना है कि सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।  

पीसीआर में हेल्पलाइन स्थापित
पूरी घाटी में पुलिस कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन स्थापित की गई है। सभी जिलों में स्थापित हेल्पलाइन पर लोग उपद्रव की सूचना दे सकते हैं। पुलिस के अनुसार लोग उपद्रव, प्रदर्शनकारियों की ओर से रास्ता जाम करने, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना दे सकते हैं।

आम नागरिक 100 नंबर पर भी सूचना दे सकते हैं। श्रीनगर में 01942477567, 9596222550 व 9596222551, अनंतनाग में 0193222870, 222100, 9596777669 पर सूचना दी जा सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed