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भाजपा के पूर्व मंत्री ने न्यापालिका को दी नसीहत

Sun, 31 Jul 2016 01:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 31 Jul 2016 01:23 PM IST
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judiciary should stay within its limits: jagdeep dhankar

भाजपा के विधि एवं कानून विभाग के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीप धनखड़ ने कहा है कि संविधान में वर्णित दायरे में ही न्यायपालिका को रहना चाहिए। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए न्यायिक सक्रियता अच्छा नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड में न्यायालय की भूमिका पर भी अंगुली उठाई।

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शनिवार को भाजपा के विधि विभाग की ओर से आयोजित एक दिवसीय अधिवेशन में हिस्सा लेने आए धनखड़ ने पत्रकारों से कहा कि उत्तराखंड में जिस तरीके से सुप्रीमकोर्ट ने काम किया, वह चिंताजनक है। न्यायपालिका की भविष्य में लोकसभा और राज्यसभा के बारे में भी ऐसी सोच न बने, इससे हर एक  को अपने संवैधानिक दायरे में रहकर काम करना होगा। 
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यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई किसी के अधिकारक्षेत्र में हस्तक्षेप न करे। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका सबको अपने दायरे में रहकर काम करने की जरूरत है। उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में केंद्र के अधिकारों के दुरुपयोग संबंधी सवालों पर कहा कि देश में अब तक सबसे ज्यादा राज्य सरकारों को बर्खास्त करने का काम कांग्रेस ने किया है। 
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भाजपा ने न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान किया है। कांग्रेस ने तो आपातकाल के दौरान न्यायालयों का ही तालाबंद करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा न्यायपालिका को अधिकार है कि वह कार्यपालिका के फैसलों की न्यायिक समीक्षा कर सकती है।


जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और रियासत के हालात पर धनखड़ ने कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि वह अपने विभाग से संबंधित विषयों पर ही केंद्रित रहना चाहते हैं।  

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