{"_id":"57d79d8a4f1c1ba73dd479dd","slug":"js-sandhu-will-new-commander-of-16-core","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर में सेना की दो महत्वपूर्ण कोर के कमांडर बदले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर में सेना की दो महत्वपूर्ण कोर के कमांडर बदले
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:02 PM IST
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में सेना की दो महत्वपूर्ण कोर के नए जीओसी जल्द ही पदभार संभालेंगे। सेना हेडक्वार्टर से जारी आदेश के अनुसार श्रीनगर और नगरोटा आधारित 15 व 16 कोर के जीओसी का तबादला किया गया है।
श्रीनगर में मौजूद 15 कोर के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल एसके दुआ के स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू नए जीओसी होंगे। जबकि नगरोटा में 16 कोर के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर के स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल एके शर्मा पदभार संभालेंगे।
जनरल आरआर निंभोरकर मास्टर जनरल आर्डिनेंस सेना हेडक्वार्टर में जाएंगे। जानकारी के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल पांचवीं गोरखा राइफल के आफिसर हैं। इसी कमान से थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग भी संबंध रखते हैं।
विज्ञापन
नेपाल में रहने के दौरान 2015 में राहत एवं पुनर्वास के कार्य में संधू का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा। बताते हैं कि संधू 25 अक्टूबर तक कार्यभार संभाल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि लेफ्टिनेंट जनरल का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। लेफ्टिनेंट जनरल दुआ का कार्यकाल अगस्त महीने में ही पूरा हो गया है।
विज्ञापन
श्रीनगर में मौजूद 15 कोर के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल एसके दुआ के स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू नए जीओसी होंगे। जबकि नगरोटा में 16 कोर के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर के स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल एके शर्मा पदभार संभालेंगे।
विज्ञापन
जनरल आरआर निंभोरकर मास्टर जनरल आर्डिनेंस सेना हेडक्वार्टर में जाएंगे। जानकारी के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल पांचवीं गोरखा राइफल के आफिसर हैं। इसी कमान से थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग भी संबंध रखते हैं।
विज्ञापन
नेपाल में रहने के दौरान 2015 में राहत एवं पुनर्वास के कार्य में संधू का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा। बताते हैं कि संधू 25 अक्टूबर तक कार्यभार संभाल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि लेफ्टिनेंट जनरल का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। लेफ्टिनेंट जनरल दुआ का कार्यकाल अगस्त महीने में ही पूरा हो गया है।