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कश्मीर हिंसा के चलते सरकारी बस सेवा को करोड़ों का नुकसान

Mon, 25 Jul 2016 11:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 25 Jul 2016 11:00 AM IST
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JKSRTC is losing millions due to Kashmir violence
- फोटो : Amar Ujala

कश्मीर हिंसा से राज्य परिवहन निगम पर बड़ा असर पड़ा है। मौजूदा वाहनों के पहिए थम गए हैं और नए वाहनों को लाने का काम लटक गया है। निगम के राजस्व को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है। यहां तक कि जम्मू संभाग में भी वाहनों के राजस्व पर असर पड़ा है। 

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हिंसा में एसआरटीसी के कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। वाहनों की मरम्मत करने के लिए निगम के मेकेनिकल विंग के कर्मी वर्कशाप तक नहीं पहुंच पा रहे। 2010 के बाद निगम को ऐसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। 
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निगम की कश्मीर संभाग में अंतर जिला 60 बसें चलती हैं। श्रीनगर शहर में 40 के करीब छोटी-बड़ी गाड़ियां चलती हैं। हर दिन एक वाहन करीब 4 हजार रुपये कमाता है। लेकिन पंद्रह दिन से वाहनों के पहिए थमे हुए हैं। 
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निगम के जनरल मैनेजर मुश्ताक चंदा ने बताया कि आठ दस वाहन हिंसा में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अमरनाथ यात्रा में भी उतने वाहन नहीं चले, जितने चलने चाहिए। यहां तक कि वाहनों को रात के समय ले जाना पड़ता है। निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। 


वहीं निगम ने नई बसें खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र के पास भेजा था। इसे केंद्र ने मंजूरी दे दी। इन बसों को खरीदने के लिए निगम ने भी पैसे जमा कर लिए। इन बसों को जुलाई के पहले सप्ताह में ही लाया जाना था, लेकिन हिंसा की वजह से इसकी प्रक्रिया लटक गई। जनरल मैनेजर का कहना है कि कुछ बसें लाई गई थीं और कुछ लाई जानी थीं, लेकिन हिंसा की वजह से कामकाज प्रभावित हो गया है। निगम ने करीब 100 नई बसें खरीदनी हैं। 

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