पांपोर हमला एक छद्म युद्ध है ना कि कानून व्यवस्था का मुद्दा है: डिप्टी सीएम
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जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से आज कहा गया है कि घाटी में हाल ही में सुरक्षा बलों पर हुए हमले कानून और व्यवस्था की समस्या नहीं है, यह सीमा पार से चलाए जा रहे छद्म युद्ध का हिस्सा है।
उपमुख्यमंत्री के निर्मलसिंह ने विधानसभा में बुधवार को कहा कि राज्य में सुरक्षा बलों पर जो हमले हो रहे हैं वह कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीमा पार से जारी छद्म युद्ध का हिस्सा है।
सिंह ने कहा, 'हम इस मामले पर केंद्र के साथ संपर्क में हैं। हम पर्यटन के मौसम में शांतिपूर्ण और घटना मुक्त अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करना चाहते हैं।' डिप्टी सीएम ने सदन को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कल एक विस्तृत बयान जारी किया जाएगा। आपको बताते चलें कि विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला ने राज्य की सुरक्षा स्थिति पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान की मांग की थी।
उमर ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सरकार अमरनाथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के बारे में चिंतित है। लेकिन सरकार को राज्य के लोगों की सुरक्षा के बारे में भी सोचना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में घुसपैठ की घटनाओं को लगातार बताया जा है।
एक अन्य रिपोर्ट में कहा है कि सड़कों की सुरक्षा के लिए तैनात किए सीआरपीएफ की कंपनियों की जगह बीएसएफ को को आतंकवाद विरोधी कार्य के लिए लाया गया है। सच क्या है ? सरकार को इस बिषय की जानकारी देनी चाहिए।