{"_id":"57d2efa34f1c1b3d3b31afed","slug":"high-court-asked-the-answer-to-payal-abdullah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उनकी पत्नी के बीच जारी विवाद पहुंचा हाईकोर्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उनकी पत्नी के बीच जारी विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Sep 2016 11:21 AM IST
विज्ञापन
पायल अब्दुला और उमर अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उनकी पत्नी के बीच जारी विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है।
अदालत ने उमर की तलाक संबंधी याचिका पर नोटिस जारी कर उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने पायल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 नवंबर तय की है।
विज्ञापन
अदालत ने उमर की तलाक संबंधी याचिका पर नोटिस जारी कर उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने पायल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 नवंबर तय की है।
1994 में हुई थी दोनों की शादी
पायल अब्दुल्ला
- फोटो : अमर उजाला
उमर अब्दुल्ला ने निचली अदालत द्वारा उनकी पायल से तलाक संबंधी याचिका को खारिज करने वाले 30 अगस्त को दिए को गए फैसले को चुनौती दी है।
अदालत ने कहा था कि याची विवाह को रद्द यानी तलाक लेने के लिए कोई भी ठोस तथ्य रखने में नाकाम रहे हैं। अदालत ने कहा था कि उमर क्रूरता या परित्याग को साबित करने में असफल रहे है जो कि तलाक की डिक्री के लिए जरूरी है। इतना ही नहीं वे यह भी तथ्य पेश नहीं कर पाए कि पत्नी के साथ रहना उनके लिए असंभव है। ऐसे में तलाक का कोई आधार नहीं है।
अपनी याचिका ने उमर ने कहा है कि उनका विवाह टूट चुका है और 2007 से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। उमर व पायल का विवाह एक सितंबर 1994 को हुआ था। उनके दो पुत्र है जो पायल के साथ रह रहे हैं।
अदालत ने कहा था कि याची विवाह को रद्द यानी तलाक लेने के लिए कोई भी ठोस तथ्य रखने में नाकाम रहे हैं। अदालत ने कहा था कि उमर क्रूरता या परित्याग को साबित करने में असफल रहे है जो कि तलाक की डिक्री के लिए जरूरी है। इतना ही नहीं वे यह भी तथ्य पेश नहीं कर पाए कि पत्नी के साथ रहना उनके लिए असंभव है। ऐसे में तलाक का कोई आधार नहीं है।
अपनी याचिका ने उमर ने कहा है कि उनका विवाह टूट चुका है और 2007 से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। उमर व पायल का विवाह एक सितंबर 1994 को हुआ था। उनके दो पुत्र है जो पायल के साथ रह रहे हैं।