फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Heavy losses in Kashmir violence

हिंसा के फितूर में दोजख बन गई जन्नत

Fri, 19 Aug 2016 11:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 19 Aug 2016 11:18 AM IST
विज्ञापन
Heavy losses in Kashmir violence
घाटी की हिंसा से भारी नुकसान - फोटो : PTI
पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में अलगाववादियों के दिशाहीन हिंसक आंदोलन ने कश्मीर (जन्नत) को दोजख बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
विज्ञापन


बच्चों को शिक्षा से दूर रखने के अलावा सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़, बुनियादी सुविधाओं से लोगों को दूर रखने से लेकर रियासत की अर्थव्यवस्था की रीड पर्यटन उद्योग तक की कमर हिंसा चक्र्र ने तोड़ कर रख दी है। वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठान, परिवहन सेवा (सड़क एवं रेल) ठप होकर रह गई है। 

25 पानी के टैंकर तोड़ डाले
लोगों की बुनियादी सेवाओं जिसमें लोगों को पेयजल आपूर्ति करने जा रहे पानी के टैंकरों तक को दिशाहीन दंगाई निशाना बना रहे हैं और अब तक 25 के करीब टैंकरों को तोड़ा जा चुका है। इससे प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही।
विज्ञापन


105 बिजली ट्रांसफार्मरों को नुकसान
 बिजली के 105 ट्रांसफार्मर और सरकारी दफ्तरों तक को नुकसान पहुंचाया गया है। लोगों को राशन पहुंचाने वाले ट्रकों को भी निशाना बनाकर लोगों की मुश्किलों को बढ़ाया जा रहा है। यात्री वाहन सड़कों पर गायब रहने से करोड़ों का नुकसान ट्रांसपोर्टरों को हुआ है। रेल सेवा भी ठप है। पर्यटन केंद्रों से पर्यटक गायब होने से पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की कमर टूट गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

व्यापारियों को करोड़ों को नुकसान 

Heavy losses in Kashmir violence
श्रीनगर में तैनात सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI
व्यापारियों को अब तक करोड़ों का नुकसान हो चुका है। केवल कश्मीर के ही नहीं, इसमें जम्मू के व्यापारी जिनका सामान कश्मीर में बिकता था, उन्हें भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के प्रधान राकेश गुप्ता के अनुसार जारी हिंसा चक्र से कश्मीर विकास से करीब पांच दशक पीछे चला गया है। 

बाढ़, राहत एवं पुनर्वास का काम थमा
जारी हिंसा चक्र से 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों को गहरा आघात पहुंचा है। बाढ़, राहत एवं पुनर्वास का काम थम कर रह गया है। 

विकास की गति रुकी
विकास की गति अलगाववादियों के आंदोलन से थम गई है। सरकारी इमारतों से लेकर सड़कों, बिजली, पानी की दिशा में होने वाले काम ठप पड़े हुए हैं। अनुमान के अनुसार आंदोलन से अब तक करोड़ों का नुकसान सरकार और लोगों को हो चुका है। 

पर्यटन, होटल व्यवसाय की कमर टूटी 

Heavy losses in Kashmir violence
kashmir protest - फोटो : PTI
पिछले करीब पौने दो महीने से जारी हिंसा चक्र से कश्मीर (लद्दाख को छोड़कर) में पर्यटक की आमद लगभग न के बराबर होकर रह गई है। इससे पर्यटन उद्योग और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की कमर टूटकर रह गई है। 

मोबाइल, इंटरनेट कंपनियों को भी भारी नुकसान
खराब हालात के चलते मोबाइल व इंटरनेट कंपनियों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। लगातार इंटरनेट सेवाओं के बंद रहने से कंपनियों को भारी नुकसान होने की आशंका है। 

कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई 
बच्चों की पढ़ाई पर जारी हिंसा चक्र का सबसे खराब असर पड़ा है। लगातार स्कूल, कालेज बंद रहने से बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed