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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Fury on Government attitude

#uriattack: शहीदों के परिवार आतंकियों से ज्यादा सरकार के रवैये से दुखी

Thu, 22 Sep 2016 05:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 22 Sep 2016 05:46 PM IST
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Fury on Government attitude
उड़ी हमले में 18 जवान शहीद - फोटो : Amar Ujala
सूबेदार करनैल सिंह गांव छिबू चक के पहले शहीद हैं। इस बात का गांव के हर शख्स को फख्र है। यहां तक कि शहीद के परिवार को भी शहादत पर नाज है, लेकिन अब तक न तो सीएम और न ही डिप्टी सीएम शहीद के घर पहुंचे। इसे लेकर परिवार को दुख है।
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शहीद के भतीजे कुलदीप सैनी का कहना है कि आतंकियों से ज्यादा सरकार के रवैये से दुख पहुंचा है। किसी पत्थरबाज की जान चली जाए तो मुख्यमंत्री और तमाम नेता उनके घर पहुंच जाते हैं, लेकिन एक जवान ने देश के लिए जान दी, उसकी तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। 
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कुलदीप का कहना है कि वह ही नहीं, बल्कि पूरा गांव हैरान है। पहला शहीद कहलाने के बावजूद उनके चाचा के घर सीएम या फिर डिप्टी सीएम नहीं आए।

सिर्फ एक सांसद जुगल किशोर अंतिम संस्कार के दिन कुछ पलों के लिए घर पहुंचे। कोई देश के लिए शहीद हो तो कम से कम उसके परिवार को सांत्वना देना तो बनता है, लेकिन सरकार के रवैये से दुख पहुंचा है। सरकार का कोई मंत्री भी उनके घर नहीं पहुंचा जो शहीद के परिवार के प्रति ढांढस बंधा सके। 
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शहीद करनैल के दोस्तों और उनके साथ नौकरी कर चुके पूर्व सैनिकों को भी रोष है। गांव के लोगों का भी कहना है कि शहीद के साथ भेदभाव किया गया है। कोई बड़ा जनप्रतिनिधि उनके घर नहीं आया।

सैन्य शहीदों को अनुदान सहायता जारी हो : जुगल

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और सांसद जुगल किशोर - फोटो : PTI
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा और सांसद जुगल किशोर शर्मा ने उड़ी में पाक समर्थित आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए रियासत के सैनिकों के हक में अनुदान सहायता जारी करने की मांग रियासती सरकार से की है। 

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि उपमुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाया गया है। पूर्ववर्ती सरकारों की गल्तियों की वजह से अब तक सैन्य शहीदों के लिए अनुदान सहायता का कोई प्रावधान ही रियासत में नहीं रखा गया है। भाजपा ने मामला उठाया है। 

सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है राज्य सरकार को बिना देर किए सैन्य शहीदों को अनुदान सहायता जारी करनी चाहिए। उन्होंने बीस लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रत्येक सैन्य शहीद के परिवार को जारी करने की मांग की है। इसके अलावा शहीद के परिवार के एक सदस्य को रोजगार मुहैया करवाने पर भी जोर दिया है।

शर्मा का कहना है कि भाजपा सैन्य शहीदों के परिवारों के साथ है और उन्हें हर तरह की मदद मुहैया हो, इसके लिए पार्टी पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करते हुए कहा हैं कि उड़ी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का चेहरा विश्व भर में बेनकाब हो चुका है। 
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