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जम्मू-कश्मीर में माननीयों पर मेहरबानी, दोगुना हुए वेतन और भत्ते
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:10 AM IST
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : File Photo
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रियासत में मंत्रियों, विधायकों का वेतन और भत्ता बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। इसके साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन राशि भी संशोधित की गई है। राज्य सरकार का यह आदेश आठ जुलाई से ही प्रभावी माना जाएगा। राज्य विधानसभा से इस आशय का विधेयक पिछले सत्र में पारित हुआ था। बाद में आठ जुलाई को राज्यपाल द्वारा इस पर मुहर लगाई गई।
राज्य के मंत्रियों को फिलहाल वेतन तथा सभी भत्ते मिलाकर 85 हजार रुपये मिलते थे जिसे बढ़ाकर 1.70 लाख रुपये प्रति महीने कर दिया गया है। इसी प्रकार विधायकों को 80 हजार रुपये की जगह अब 1.60 लाख रुपये मिलेंगे। पूर्व विधायकों की पेंशन की राशि भी संशोधित की गई है। यह उनके कार्यकाल के हिसाब से अलग-अलग होगी।
विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बढ़े हुए वेतन और भत्ते की पुष्टि करते हुए बताया कि मंत्रियों तथा विधायकों को क्रमश: 1.70 एवं 1.60 लाख रुपये मिलेंगे। पूर्व विधायकों का पेंशन उन्होंने सोमवार को ही संशोधित किया है।
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राज्य के मंत्रियों को फिलहाल वेतन तथा सभी भत्ते मिलाकर 85 हजार रुपये मिलते थे जिसे बढ़ाकर 1.70 लाख रुपये प्रति महीने कर दिया गया है। इसी प्रकार विधायकों को 80 हजार रुपये की जगह अब 1.60 लाख रुपये मिलेंगे। पूर्व विधायकों की पेंशन की राशि भी संशोधित की गई है। यह उनके कार्यकाल के हिसाब से अलग-अलग होगी।
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विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बढ़े हुए वेतन और भत्ते की पुष्टि करते हुए बताया कि मंत्रियों तथा विधायकों को क्रमश: 1.70 एवं 1.60 लाख रुपये मिलेंगे। पूर्व विधायकों का पेंशन उन्होंने सोमवार को ही संशोधित किया है।
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अब तक मिलता था 35 हजार रूपये वेतन
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
ज्ञात हो कि अब तक विधायकों को 35 हजार रुपये वेतन तथा अन्य राशि भत्ते के मद में मिलती थी। इसी प्रकार मंत्रियों को 40 हजार रुपये वेतन और शेष राशि भत्ते के रूप में थी। इसमें टेलीफोन खर्च तथा डीजल खर्च भी शामिल था।
पिछले विधानसभा सत्र के दौरान श्रीनगर में विधायकों ने यह मांग सदन में उठाई थी। साथ ही मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मिलकर 50 से अधिक विधायकों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा था। इसमें भाजपा के साथ ही पीडीपी, नेकां, कांग्रेस के साथ ही निर्दलीय विधायक भी शामिल थे।
सभी का कहना था कि उनको मिलने वाले वेतन तथा भत्ते अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। विधायकों की मांग को देखते हुए विधानसभा ने इस आशय का विधेयक पारित किया था।
पिछले विधानसभा सत्र के दौरान श्रीनगर में विधायकों ने यह मांग सदन में उठाई थी। साथ ही मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मिलकर 50 से अधिक विधायकों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा था। इसमें भाजपा के साथ ही पीडीपी, नेकां, कांग्रेस के साथ ही निर्दलीय विधायक भी शामिल थे।
सभी का कहना था कि उनको मिलने वाले वेतन तथा भत्ते अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। विधायकों की मांग को देखते हुए विधानसभा ने इस आशय का विधेयक पारित किया था।