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जम्मू-कश्मीर सरकार ने पंचायतों को किया गया भंग, बीडीओ संभालेंगे अधिकार
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:11 AM IST
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पंचायत भंग
- फोटो : Demo Pic.
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कार्यकाल पूरा कर चुकी पंचायतों के अधिकार सरकार ने ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) और पंचायत सचिवों को सौंप दिए हैं। मंगलवार को राज्य सरकार ने पंचायतों को भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी।
अगले चुनाव न होने तक पंचायतों का कार्यभार ग्रामीण विकास विभाग के बीडीओ और पंचायत सचिवों के पास रहेंगे। सरकार ने जम्मू एंड कश्मीर पंचायत राज एक्ट 1989 की धारा पांच के तहत ग्रामीण विकास विभाग के निदेशकों को आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को पंचायत स्तर के कामकाज का जिम्मा संभालना होगा। जम्मू-कश्मीर में कुल 4198 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें से 1964 जम्मू संभाग और 2234 कश्मीर संभाग में हैं। पंचायतों का कार्यकाल 14 जुलाई 2016 को पूरा हो गया था लेकिन अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।
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इस निर्णय से मनरेगा सहित ग्रामीण विकास से जुड़ी अन्य केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के मद में जारी होने वाली राशि का क्रियान्वयन बिना किसी रुकावट के हो सकेगा।
विकास राशि के प्रवाह को अधिसूचित अधिकारी ही देखेंगे। उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले से शुरू की जा चुकी है। जिला स्तर पर चुनाव प्लान सौंपे जा चुके हैं।
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अगले चुनाव न होने तक पंचायतों का कार्यभार ग्रामीण विकास विभाग के बीडीओ और पंचायत सचिवों के पास रहेंगे। सरकार ने जम्मू एंड कश्मीर पंचायत राज एक्ट 1989 की धारा पांच के तहत ग्रामीण विकास विभाग के निदेशकों को आदेश जारी किया है।
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आदेश के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को पंचायत स्तर के कामकाज का जिम्मा संभालना होगा। जम्मू-कश्मीर में कुल 4198 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें से 1964 जम्मू संभाग और 2234 कश्मीर संभाग में हैं। पंचायतों का कार्यकाल 14 जुलाई 2016 को पूरा हो गया था लेकिन अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।
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इस निर्णय से मनरेगा सहित ग्रामीण विकास से जुड़ी अन्य केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के मद में जारी होने वाली राशि का क्रियान्वयन बिना किसी रुकावट के हो सकेगा।
विकास राशि के प्रवाह को अधिसूचित अधिकारी ही देखेंगे। उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले से शुरू की जा चुकी है। जिला स्तर पर चुनाव प्लान सौंपे जा चुके हैं।