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'PM मोदी से पेलेट गन पर रोक लगाने की मांग'
टीम डिजिटल/जम्मू
Updated Mon, 22 Aug 2016 02:47 PM IST
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बैठक में मौजूद विपक्षी दल के नेता
- फोटो : PTI
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कश्मीर हिंसा को लेकर जम्मू-कश्मीर के विपक्षी दलों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें हालात की जानकारी दी।
20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से कश्मीर मसले को लेकर सभी पक्षों से बात करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे पेलेट गन पर रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री उमर उब्दुल्ला ने पीएम से कहा कि अगर कश्मीर में हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो वहां के युवाओं में अलगाव की भावना और बढ़ेगी।
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20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से कश्मीर मसले को लेकर सभी पक्षों से बात करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे पेलेट गन पर रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री उमर उब्दुल्ला ने पीएम से कहा कि अगर कश्मीर में हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो वहां के युवाओं में अलगाव की भावना और बढ़ेगी।
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आग में घी डालने का काम कर रहे अलगाववादी
राष्ट्रपति से मुलाकात करते विपक्षी दल के नेता
- फोटो : PTI
उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि ये बात सभी जानते हैं कि अलगाववादी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं लेकिन हमें ये समझने की जरूरत है कि आखिर कश्मीर अशांत क्यों हैं। कश्मीर हिंसा को लेकर प्रतिनिधिमंडल से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा का दौर जारी है। जिसको लेकर राज्य के विपक्ष के नेता राष्ट्रपति, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिल चुके हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के दौरान कश्मीर में जारी हिंसा को राष्ट्रीय स्तर की समस्या की तर्ज पर गंभीरता से लेने और इसका समाधान किए जाने पर जोर दिया था।
वहीं इस संबंध में भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल कश्मीर हिंसा को लेकर राजनीति कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि भाजपा-पीडीपी की सरकार स्थिर रहे।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा का दौर जारी है। जिसको लेकर राज्य के विपक्ष के नेता राष्ट्रपति, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिल चुके हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के दौरान कश्मीर में जारी हिंसा को राष्ट्रीय स्तर की समस्या की तर्ज पर गंभीरता से लेने और इसका समाधान किए जाने पर जोर दिया था।
वहीं इस संबंध में भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल कश्मीर हिंसा को लेकर राजनीति कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि भाजपा-पीडीपी की सरकार स्थिर रहे।