{"_id":"57ae02914f1c1bee07ee5afe","slug":"delays-in-development-work-in-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय सीमा से पिछड़ जाएंगी कश्मीर घाटी की विकास परियोजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय सीमा से पिछड़ जाएंगी कश्मीर घाटी की विकास परियोजनाएं
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 12 Aug 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
विकास
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं पर हिंसा की मार पड़ रही है। आलम यह है कि एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा प्रायोजित परियोजनाओं का अब समय से पूरा होना बेहद मुश्किल हो गया है।
इसका सीधा असर परियोजनाओं के लागत मूल्य पर पड़ेगा, जिसकी फंडिंग अटकने से परियोजनाएं अधर में लटकी रह जाएंगी। निर्माण एजेंसी इकोनॉमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी (इरा) प्रशासन ने इस आशय की जानकारी दी है।
इरा प्रशासन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इरा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद शर्मा ने कहा श्रीनगर की परियोजनाओं में लगे 600 कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिक काम छोड़कर अपने घरों को लौट चुके हैं। निर्माण सामग्री की सप्लाई भी पूरी तरह से ठप हो गई है।
विज्ञापन
नये सिरे से श्रमिकों की व्यवस्था करने में तीन से चार महीने का समय लगेगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा प्रायोजित ऋण वाली परियोजनाओं को मार्च 2017 तक पूरा करने की बाध्यता है। घाटी के हालात में यह कार्य पूरे होना मुश्किल हैं। अच्चन में कचरा निस्तारण के लिए प्रस्तावित सेनिटरी लैंडफिल साइट सेल को इसी महीने के अंत तक पूरा होना था जो लटक गया है।
जहांगीर चौक-रामबाग फ्लाईओवर को भी समय से पूरा करना कठिन है। 27 पंपिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने, वाटर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने सहित अन्य परियोजनाएं घाटी के हालात से प्रभावित हो रही हैं। सीईओ ने कहा लागत मूल्य बढ़ने से परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाएंगी जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भी भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
इसका सीधा असर परियोजनाओं के लागत मूल्य पर पड़ेगा, जिसकी फंडिंग अटकने से परियोजनाएं अधर में लटकी रह जाएंगी। निर्माण एजेंसी इकोनॉमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी (इरा) प्रशासन ने इस आशय की जानकारी दी है।
विज्ञापन
इरा प्रशासन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इरा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद शर्मा ने कहा श्रीनगर की परियोजनाओं में लगे 600 कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिक काम छोड़कर अपने घरों को लौट चुके हैं। निर्माण सामग्री की सप्लाई भी पूरी तरह से ठप हो गई है।
विज्ञापन
नये सिरे से श्रमिकों की व्यवस्था करने में तीन से चार महीने का समय लगेगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा प्रायोजित ऋण वाली परियोजनाओं को मार्च 2017 तक पूरा करने की बाध्यता है। घाटी के हालात में यह कार्य पूरे होना मुश्किल हैं। अच्चन में कचरा निस्तारण के लिए प्रस्तावित सेनिटरी लैंडफिल साइट सेल को इसी महीने के अंत तक पूरा होना था जो लटक गया है।
जहांगीर चौक-रामबाग फ्लाईओवर को भी समय से पूरा करना कठिन है। 27 पंपिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने, वाटर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने सहित अन्य परियोजनाएं घाटी के हालात से प्रभावित हो रही हैं। सीईओ ने कहा लागत मूल्य बढ़ने से परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाएंगी जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भी भुगतना पड़ेगा।