{"_id":"5791b8fd4f1c1bc148c4bb49","slug":"corps-of-signals-during-kargil-war","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारगिल गाथा: भीषण बमबारी के बीच सिगनल कोर ने स्थापित किया संचार नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारगिल गाथा: भीषण बमबारी के बीच सिगनल कोर ने स्थापित किया संचार नेटवर्क
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:41 AM IST
विज्ञापन
सिग्नल कोर
- फोटो : ADGPI - Indian Army
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
21 जुलाई 1999
कारगिल में भारतीय सेना के जांबाज जब अपने अदम्य साहस से घुसपैठियों को वापस जाने को मजबूर कर रहे थे, उस समय उनके सामने उच्च पर्वतीय क्षेत्रों से संचार नेटवर्क एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई।
पहले से इस इलाके में आधुनिक संचार नेटवर्क नहीं होने से जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस चुनौती को सिगनल कोर ने सफलतापूर्वक पार कर लिया।
इसे सिगनल कोर ने एक बड़े अवसर के रूप में लिया और भीषण गोलाबारी के बीच हर तरफ तरफ सेना के लिए संचार नेटवर्क खड़ा कर दिया। इसमें उच्च पर्वतीय क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझते हुए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम बेहतर उपयोग किया।
विज्ञापन
इस नेटवर्क के स्थापित होने के बाद कारगिल युद्ध की पूरी तस्वीर बदल गई। आज भी जब कारगिल युद्ध की बात होती है तो सेना की सिगनल कोर की सरहना जरूर की जाती है।
विज्ञापन
कारगिल में भारतीय सेना के जांबाज जब अपने अदम्य साहस से घुसपैठियों को वापस जाने को मजबूर कर रहे थे, उस समय उनके सामने उच्च पर्वतीय क्षेत्रों से संचार नेटवर्क एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई।
पहले से इस इलाके में आधुनिक संचार नेटवर्क नहीं होने से जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस चुनौती को सिगनल कोर ने सफलतापूर्वक पार कर लिया।
विज्ञापन
इसे सिगनल कोर ने एक बड़े अवसर के रूप में लिया और भीषण गोलाबारी के बीच हर तरफ तरफ सेना के लिए संचार नेटवर्क खड़ा कर दिया। इसमें उच्च पर्वतीय क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझते हुए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम बेहतर उपयोग किया।
विज्ञापन
इस नेटवर्क के स्थापित होने के बाद कारगिल युद्ध की पूरी तस्वीर बदल गई। आज भी जब कारगिल युद्ध की बात होती है तो सेना की सिगनल कोर की सरहना जरूर की जाती है।