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कश्मीर घाटी में मरहम लगाने वालों को भी उपद्रवियों ने नहीं बख्शा
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 21 Jul 2016 10:33 PM IST
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घाटी में हिंसा
- फोटो : File Photo
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पिछले एक पखवाड़े से हिंसा में जल रहे कश्मीर में उपद्रवियों ने मरहम लगाने वालों को भी नहीं बख्शा। सुरक्षा बलों के साथ अन्य जो भी सामने आया उसे पत्थरों और आगजनी से निशाना बनाया गया।
वर्ष 2014 की जलप्रलय के बाद स्वास्थ्य विभाग को घाटी में हुई इस हिंसा से दूसरी बार बड़ी चुनौती झेलनी पड़ी है। उपद्रवियों ने घायलों को ले जाने वाली 97 एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया। नेत्र विशेषज्ञों की कमी के चलते केंद्र से विशेषज्ञों को बुलाया गया। इस हिंसा में 2200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
कश्मीर के दस जिलों में स्वास्थ्य विभाग की करीब चार सौ एंबुलेंस घायलों की सेवा में थीं। अधिकांश जिलों में कर्फ्यू के चलते घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने में एंबुलेंस की भूमिका अहम रही है, लेकिन उपद्रवियों ने इन एंबुलेंस को भी अपना शिकार बनाया।
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इसमें सबसे अधिक अनंतनाग जिले में करीब 35 एंबुलेंस तोड़ डाली गईं। बाजार बंद रहने से क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को अभी दुरुस्त नहीं किया जा सका। जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में इमरजेंसी में छोटे-बड़े आपरेशन किए गए हैं।
घाटी में खराब हालात को देखते हुए फिलहाल स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर सलीम उर रहमान का कहना है कि एंबुलेंस को अधिक क्षति पहुंची है, लेकिन अस्पतालों में घायलों के लिए सभी जरूर इंतजाम हैं।
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वर्ष 2014 की जलप्रलय के बाद स्वास्थ्य विभाग को घाटी में हुई इस हिंसा से दूसरी बार बड़ी चुनौती झेलनी पड़ी है। उपद्रवियों ने घायलों को ले जाने वाली 97 एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया। नेत्र विशेषज्ञों की कमी के चलते केंद्र से विशेषज्ञों को बुलाया गया। इस हिंसा में 2200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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कश्मीर के दस जिलों में स्वास्थ्य विभाग की करीब चार सौ एंबुलेंस घायलों की सेवा में थीं। अधिकांश जिलों में कर्फ्यू के चलते घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने में एंबुलेंस की भूमिका अहम रही है, लेकिन उपद्रवियों ने इन एंबुलेंस को भी अपना शिकार बनाया।
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इसमें सबसे अधिक अनंतनाग जिले में करीब 35 एंबुलेंस तोड़ डाली गईं। बाजार बंद रहने से क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को अभी दुरुस्त नहीं किया जा सका। जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में इमरजेंसी में छोटे-बड़े आपरेशन किए गए हैं।
घाटी में खराब हालात को देखते हुए फिलहाल स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर सलीम उर रहमान का कहना है कि एंबुलेंस को अधिक क्षति पहुंची है, लेकिन अस्पतालों में घायलों के लिए सभी जरूर इंतजाम हैं।