{"_id":"577bc2664f1c1b9a097f99f0","slug":"634-stone-pelting-accused-will-be-acquitted-in-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ईद का तोहफा: कश्मीर में बरी होंगे 634 पत्थरबाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद का तोहफा: कश्मीर में बरी होंगे 634 पत्थरबाज
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 05 Jul 2016 07:51 PM IST
विज्ञापन
हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार ने ईद से पहले तोहफा देते हुए घाटी के 634 पत्थरबाजों पर से मुकदमे हटाने के आदेश दिए हैं। इन पर 2008 और 2009 के बीच मुकदमे दर्ज किए गए थे। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने युवाओं को सुधरने का एक मौका देने के उद्देश्य से 2008 से 2014 के बीच पत्थरबाजों के मामले की समीक्षा के आदेश सोमवार को दिए थे।
डीजी की अध्यक्षता में इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें एडीजीपी (सीआईडी) तथा विशेष सचिव (गृह) शामिल थे। कमेटी ने 2008 से 2014 के बीच के मामलों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा का फैसला किया। पहले चरण में कमेटी ने 2008 और 2009 के बीच के मामलों की समीक्षा की।
इस दौरान पंजीकृत 108 केस में शामिल 634 युवाओं पर से मुकदमे हटाने की संस्तुति की गई। घटना में शामिल इन युवाओं के अभिभावकों को यह शपथपत्र देना होगा कि भविष्य में वे इस प्रकार की किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि जघन्य अपराध में शामिल युवाओं को समीक्षा से परे रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीजी की अध्यक्षता में इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें एडीजीपी (सीआईडी) तथा विशेष सचिव (गृह) शामिल थे। कमेटी ने 2008 से 2014 के बीच के मामलों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा का फैसला किया। पहले चरण में कमेटी ने 2008 और 2009 के बीच के मामलों की समीक्षा की।
विज्ञापन
इस दौरान पंजीकृत 108 केस में शामिल 634 युवाओं पर से मुकदमे हटाने की संस्तुति की गई। घटना में शामिल इन युवाओं के अभिभावकों को यह शपथपत्र देना होगा कि भविष्य में वे इस प्रकार की किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि जघन्य अपराध में शामिल युवाओं को समीक्षा से परे रखा जाएगा।
विज्ञापन
युवाओं को नई जिंदगी शुरू करने का मौका
रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
कमेटी की सिफारिशों को तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस के पास भेज दिया गया है। समिति ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अपनी सिफारिशें सौंपते हुए कहा है कि 2008 से 2014 के बीच के मामलों की समीक्षा करते हुए शामिल युवाओं को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जाएगा।
इस बीच कमेटी ने तीन सप्ताह में 2010 से 2014 के बीच की मामलों की समीक्षा करने को कहा है। ज्ञात हो कि सोमवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बैठक में समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने को कहा था।
साथ ही यह हिदायत दी थी कि मेरिट के आधार पर सभी मामलों की समीक्षा की जाए ताकि पत्थरबाजी के मामले में शामिल युवाओं को नई जिंदगी शुरू करने और एक अच्छे नागरिक बनने का मौका मिल सके।
इस बीच कमेटी ने तीन सप्ताह में 2010 से 2014 के बीच की मामलों की समीक्षा करने को कहा है। ज्ञात हो कि सोमवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बैठक में समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने को कहा था।
साथ ही यह हिदायत दी थी कि मेरिट के आधार पर सभी मामलों की समीक्षा की जाए ताकि पत्थरबाजी के मामले में शामिल युवाओं को नई जिंदगी शुरू करने और एक अच्छे नागरिक बनने का मौका मिल सके।