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सरहद और एलओसी से सटे 300 गांवों में पाक की गोलाबारी से खौफ

Sun, 23 Oct 2016 04:10 PM IST
राघवेन्द्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेन्द्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 23 Oct 2016 04:10 PM IST
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300 villages in threats of firing from pakistan
सीमा पर दहशत - फोटो : PTI
भारत-पाकिस्तान सीमा से। सरहद के गांवों में पाकिस्तान के गोलों से मची तबाही के निशान चारों ओर बिखरे पड़े हैं। घरों को भी पाकिस्तानी मोर्टारोें ने गहरे जख्म दिए हैं। गोलों से एक-एक घर की दीवार पर दर्जनों गड्ढे उभर आए हैं। कहीं छतें धंस गई हैं, कहीं दीवारें दरक गई हैं। 
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पाकिस्तानी मोर्टार ने बासमती के खेतों को भी छलनी कर दिया है। फसल झुलस गई है। गोलों से मवेशियों की मौत के बाद अब ग्रामीणों को जान का भय सताने लगा है। सरहद और एलओसी के 300 से अधिक गांवों के लोग खानाबदोश जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।
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बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। सरहद (अंतरराष्ट्रीय सीमा) से सटे के कोरोटाना में अग्रिम पोस्ट से रात की ड्यूटी के बाद कैंप में लौटे बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि पाकिस्तानी गांवों नंदपुर, मलाणा और गुग से भी रात भर चीख-पुकार सुनाई देती रही। 
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रेंजरों के मारे जाने के बाद पूरी रात गोलाबारी

300 villages in threats of firing from pakistan
सीमा पर दहशत - फोटो : PTI

हीरानगर सेक्टर में बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजरों को कड़ा सबक सिखाया। सात जवानों को खोने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। आरएसपुरा, सुचेत गढ़, विधि पुर और कोरोटाना में पूरी रात पाकिस्तान के गोले बरसते रहे। राजोरी और पुंछ में भी ग्रामीणों को गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। 

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सरहद और एलओसी के ग्रामीणों को चौथी बार घर-बार छोड़ने को विवश होना पड़ रहा है। विधि पुर निवासी हरनाम सिंह कहते हैं कि जिंदगी राहत कैंप और गांव के बीच दौड़ते-भागते बीत रही है। यही हाल अन्य सीमांत ग्रामीणों का भी है। बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। धान की फसल पक गई है।

सीमा पर पाकिस्तानी गोलों की बारिश का खौफ सताता है। जीवन लाल ने कहा कि तारबंदी के लिए ली गई जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिला और जो खेत बचे हैं, उन पर भी गोलाबारी का खतरा है। 

पाक गोलों से सीमांत ग्रामीणों में दहशत

300 villages in threats of firing from pakistan
सीमा पर दहशत - फोटो : PTI

सरहद और एलओसी के ग्रामीण आसमान में पाकिस्तानी गोलों की आतिशबाजी के साक्षी बन रहे हैं। दीपावली से पहले हर साल यही आलम रहता है। पाकिस्तान को भारतीय त्योहारों की रौनक खलती है।

ग्रामीण बूटी राम कहते हैं कि गोलों के धमाकों से आकाश में हर रात तेज रोशनी होती है। दुश्मन की इस दीपावली ने ग्रामीणों की नींद और सुख-चैन छीन लिया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाक नहीं सुधरा है। अब जंग से सबक सीखाना जरूरी है। 

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