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जम्मू-कश्मीर की अदालतों में 1.93 लाख मामले लंबित
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:24 AM IST
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अदालत
- फोटो : Demo Pic.
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राज्य के उच्च न्यायालय और निचली अदालतों में 1.93 लाख मामले लंबित हैं। सदन में गुलाम नबी मोंगा के सवाल का विधि एवं न्याय मंत्री की जगह जवाब देते हुए उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण मंत्री जुल्फकार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा उच्च न्यायालय में कुल 57701 मामले लंबित हैं जबकि निचली अदालतों में 136095 मामले लंबित हैं। विचाराधीन मामलों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने ज्युडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में बेहतरी लाने का काम कर रही है। इसके अलावा तमाम व्यवस्थाओं को अपग्रेड किया जा रहा है।
अदालतों की कंप्यूटराइजेशन प्रक्रिया भी चलाई जा रही है। मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी करते हुए मामलों को तेजी से निपटाने को कहा है।
इसके अलावा लोक अदालतों का आयोजन कर मध्यस्थता और सुलह से मामलों को निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा मामलों के तेजी से निपटाने के लिए 22 देही अदालतों का सृजन किया गया है। सरकार राज्य में इस तरह की और अदालतों खोलने पर विचार कर रही है।
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उन्होंने कहा उच्च न्यायालय में कुल 57701 मामले लंबित हैं जबकि निचली अदालतों में 136095 मामले लंबित हैं। विचाराधीन मामलों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने ज्युडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में बेहतरी लाने का काम कर रही है। इसके अलावा तमाम व्यवस्थाओं को अपग्रेड किया जा रहा है।
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अदालतों की कंप्यूटराइजेशन प्रक्रिया भी चलाई जा रही है। मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी करते हुए मामलों को तेजी से निपटाने को कहा है।
इसके अलावा लोक अदालतों का आयोजन कर मध्यस्थता और सुलह से मामलों को निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा मामलों के तेजी से निपटाने के लिए 22 देही अदालतों का सृजन किया गया है। सरकार राज्य में इस तरह की और अदालतों खोलने पर विचार कर रही है।
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