{"_id":"27-27318","slug":"Jammu-27318-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरईटी शिक्षकों को भूख हड़ताल पर नहीं बैठने दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरईटी शिक्षकों को भूख हड़ताल पर नहीं बैठने दिया
Jammu
Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। पुलिस लाठीचार्ज के विरोध मे रहबर ए तालीम (आरईटी) शिक्षकों ने वीरवार को प्रेस क्लब के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस कार्रवाई से क्षुब्ध शिक्षकों ने अब सरकार को विधानसभा सत्र से पूर्व तक छह सूत्री मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी गई है।
जेएंडके आरईटी टीचर्स फोरम के झंडे तले प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा की अगुवाई में शिक्षकों ने वीरवार को प्रेस क्लब के बाहर जैसे ही एकत्रित होने का प्रयास किया, पुलिस भी वहां पहुंच गई और उन्हें भूख हड़ताल पर बैठने से पहले ही वहां से जबरन हटा दिया। इससे पहले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और बुधवार को पुलिस कार्रवाई को सरकार की तानाशाही बताते हुए मांगों को पूरा करवाने के लिए आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया। प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा ने सभी गैर सरकारी और ट्रेड यूनियनों से अपील की कि वह आरईटी शिक्षकों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की निंदा करें। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाल रहे आरईटी शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया और इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों को बुरी तरह से चोटें आई हैं। सरकार लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दे रही। मुख्यमंत्री को कई बार समस्याओं से अवगत करवाया गया। आश्वासन भी मिले पर इन्हें पूरा न किए जाने पर मजबूर होकर शिक्षक सड़क पर उतरे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द आरईटी शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण न किया तो विधानसभा सत्र के दौरान परिवारों सहित आरईटी शिक्षक सचिवालय घेराव करेंगे। इस अवसर पर नज्म जाफरी, यूनुस राही, लेखराज परिहार, सुखदेव सिंह, शाम शर्मा, सुभाष चंद्र, मोहम्मद मुस्तफा, नवजोत, इंद्रमोहन, सतपाल, राकेश आदि ने भी सरकार को जमकर कोसा।
विज्ञापन
जेएंडके आरईटी टीचर्स फोरम के झंडे तले प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा की अगुवाई में शिक्षकों ने वीरवार को प्रेस क्लब के बाहर जैसे ही एकत्रित होने का प्रयास किया, पुलिस भी वहां पहुंच गई और उन्हें भूख हड़ताल पर बैठने से पहले ही वहां से जबरन हटा दिया। इससे पहले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और बुधवार को पुलिस कार्रवाई को सरकार की तानाशाही बताते हुए मांगों को पूरा करवाने के लिए आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया। प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा ने सभी गैर सरकारी और ट्रेड यूनियनों से अपील की कि वह आरईटी शिक्षकों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की निंदा करें। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाल रहे आरईटी शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया और इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों को बुरी तरह से चोटें आई हैं। सरकार लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दे रही। मुख्यमंत्री को कई बार समस्याओं से अवगत करवाया गया। आश्वासन भी मिले पर इन्हें पूरा न किए जाने पर मजबूर होकर शिक्षक सड़क पर उतरे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द आरईटी शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण न किया तो विधानसभा सत्र के दौरान परिवारों सहित आरईटी शिक्षक सचिवालय घेराव करेंगे। इस अवसर पर नज्म जाफरी, यूनुस राही, लेखराज परिहार, सुखदेव सिंह, शाम शर्मा, सुभाष चंद्र, मोहम्मद मुस्तफा, नवजोत, इंद्रमोहन, सतपाल, राकेश आदि ने भी सरकार को जमकर कोसा।
विज्ञापन